Dengue Death in Shahjahanpur : शाहजहांपुर में डेंगू से महिला की मौत, बिगड़ रहे हालात, बढ़ रहे बुखार के रोगी

Dengue Death in Shahjahanpur डेंगू से सोमवार को बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उनकी बेटी भी बुखार से पीड़ित है। स्वजन ने उन्हें राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है। बुखार के बढ़ते प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच करने नहीं पहुंची।

Ravi MishraTue, 21 Sep 2021 02:58 PM (IST)
Dengue Death in Shahjahanpur : शाहजहांपुर में डेंगू से महिला की मौत, बुखार ने पसारे पैर

बरेली, जेएनएन। Dengue Death in Shahjahanpur : डेंगू से सोमवार को बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उनकी बेटी भी बुखार से पीड़ित है। स्वजन ने उन्हें राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है। बुखार के बढ़ते प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच करने नहीं पहुंची। वहीं राजकीय मेडिकल कालेज व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहे है।

सितंबर माह में जिले में भी बुखार के मरीज तेजी से बढ़े है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 7 से 16 सितंबर तक घर-घर सर्वे कराया गया। जिसमे दो हजार से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित मिले जबकि 62 मरीज मलेरिया के मिले थे। बीते चार दिनों जिले में बुखार के मरीजों की संख्या घट गई थी। लेकिन रविवार से फिर बुखार ने पैर पसारने शुरू कर दिए। रविवार को जहां मिर्जापुर क्षेत्र में बुखार से मौत हो गई थी वहीं सोमवार को निगोही क्षेत्र के छतेनी गांव निवासी उमाकांत दीक्षित की पत्नी सुषमा देवी की मौत हो गई। सुषमा का इलाज बरेली के एक अस्पताल में चल रहा था जहां जांच में डेंगू होने की पुष्टि भी हुई थी। उनकी बेटी ज्योति भी बुखार से पीड़ित है। उनका राजकीय मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा है।

450 मरीज बुखार से पीड़ित

राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या कम होने के बाद एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गई है। सोमवार को भी करीब 450 मरीज बुखार से पीड़ित यहां दवा लेने पहुंचे थे।

ट्रामा सेंटर में पहुंचे 85 मरीज

राजकीय मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में सोमवार को 115 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिसमे 85 मरीज सिर्फ बुखार से पीड़ित थे। ऐसे में यहां अव्यवस्थाएं भी नजर आई। काफी मरीज उपचार के इंतजार में गैलरी में बैठे रहे।

सर्वे के बाद भी फिर लापरवाही

स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे के नाम पर खानापूर्ति कर शांत बैठ गई है। जबकि शहर से लेकर गांव तक बुखार के मरीज निकल रहे है। जिन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। जबकि अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर नहीं निकल रहे है।

रोजा : भावलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 154 मरीजों का सोमवार को उपचार किया गया। जिसमे 61 मरीज बुखार से पीड़ित थे। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ददरौल के चिकित्साधिकारी डा. सचिन गुप्ता ने बताया सोमवार को केंद्र पर 159 मरीज को उपचार किया गया। जिसमे 23 की दवा लेने आए थे। किसी भी मरीज में डेंगू के लक्षण नहीं मिले।

गंगसरा : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगसरा पर सोमवार 250 मरीज पहुंचे। जिसमे ज्यादातर कोरोना से बचाव को टीका लगवाने पहुंचे थे। जबकि 34 मरीजों ने बुखार की दवा ली।

मिर्जापुर : चिकित्साधिकारी डा. आदेश रस्तोगी ने बताया कि सोमवार को 100 मरीज स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे। जिसमे बुखार के मरीजों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। सोमवार को सिर्फ 20 मरीजों ने बुखार की दवा ली।

निगोही : क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी बुखार के मरीजों की संख्या सोमवार को 50 से अधिक पहुंची थी।

कलान : ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। ऐसे में 180 मरीज सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। जिसमे 40 मरीज बुखार से पीड़ित निकले। कई मरीज राजकीय मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया।

बुखार के मरीजों को घर-घर तलाश गया था। जो मरीज मिले उनका उपचार भी कराया गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की बढ़ती संख्या देख फिर गांवों में टीमें भेजी जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं भी बेहतर की जा रही है। डा. रोहिताश कुमार, कार्यवाहक सीएमओ

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