कोविड किट में शामिल फेविपिराविर और आइवरमेक्टिन टेबलेट की बरेली में मांग बढ़ी, जानिये ड्रग विभाग क्या कर रहा

दवाओं के दाम पर ड्रग विभाग निगाह हैं, लेकिन अधिक दाम पर बेचे जाने की शिकायतें आने लगी हैं।

कोविड किट में शामिल दवाओं की अचानक बाजार में मांग बढ़ने के बाद दवाओं की किल्लत होने लगी है। कंपनियों की आपूर्ति सामान्य दिनों की तरह है लेकिन मांग 25 फीसद तक बढ़ी़ है। इसकी वजह से फेविपिराविर और आइवमेक्टिन जैसी जरूरी दवाएं बाजार से गायब हैं।

Samanvay PandeyWed, 21 Apr 2021 10:01 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। कोविड किट में शामिल दवाओं की अचानक बाजार में मांग बढ़ने के बाद दवाओं की किल्लत होने लगी है। कंपनियों की आपूर्ति सामान्य दिनों की तरह है, लेकिन मांग 25 फीसद तक बढ़ी़ है। इसकी वजह से फेविपिराविर और आइवमेक्टिन जैसी जरूरी दवाएं बाजार से गायब हैं। वहीं आक्सीमीटर, वेपोराइजर के लिए लोग भटक रहे हैं। दवाओं के दाम पर ड्रग विभाग निगाह बनाए हुए हैं, लेकिन अंकित मूल्य से अधिक पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आने लगी हैं।

आक्सीमीटर शरीर में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल मापता है 

डिवाइस शरीर में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल मापता है। लाल रक्त कणिकाएं, कितना ऑक्सीजन यहां से वहां ले जा रही हैं। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल पल्स ऑक्सीमीटर भी कहा जाता है। होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन लेवल देखते रहना पड़ता है। यही वजह है कि पल्स ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ी है। एक सप्ताह पहले फुटकर में 700 रुपये में बिकने वाला डिवाइस सोमवार तक बाजार में 1600-1800 रुपये तक बिका। लेकिन मंगलवार को लोग भटकते रहे, उन्हें पल्स ऑक्सीमीटर नहीं मिले। बदायूं और पीलीभीत के बाजार से लोग बरेली तक सिर्फ एक डिवाइस के लिए पहुंचे।

वेपोराइजर कम पड़े, दुकानदार कहने लगे पीछे से नहीं आ रहे

कोविड संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह है कि भाप लेते रहे। इसके लिए वेपोराइजर की जरूरत लोगों ने महसूस की। 250-450 रुपये तक बिकने वाला वेपोराइजर भी अब बाजार से गायब होने लगा है। शास्त्रीनगर के थोक दवा बाजार की कुछेक दुकानों पर ही मंगलवार को वेपोराइजर उपलब्ध रहा। इसबाबत डॉक्टर सुझाव देते है कि घर ही पानी को उबालकर उसकी भाप लेने के घरेलू उपाय कारगर है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन बिक्री की फुटकर बाजार में अनुमति नहीं

सीएमओ कार्यालय के जरिए कोविड अस्पतालों को सप्लाई होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भी लोग दवा की दुकानों और थोक दवा बाजार में भटकते नजर आए। कीमत कोई भी, लेकिन उन्हें इंजेक्शन चाहिए था। अधिकांश लोगों के पास डॉक्टर का परामर्श लिखा पर्चा था। जिसमें रेमडेसिविर की जरूरत बताई गई। बरेली के दवा बाजार में फिलहाल ये इंजेक्शन नहीं है। प्रतिबंध की वजह से इंजेक्शन सिर्फ कोविड अस्पतालों के पास सीमित संख्या में है, जोकि निश्शुल्क लगाया जा रहा है।

फेविपिराविर, आइवरमेक्टिन दवाएं बाजार में लोग ढूंढते रहे

बाजार में विटामिन डी, मल्टीविटामिन, एंटीबायोटिक भरपूर मात्रा में है। लेकिन विटामिन सी, लिम्सी, फेविपिराविर टेबलेट, आइवरमेक्टिन टेबलेट गायब हो रही है। डिमांड 25 फीसद तक बढ़ने के बाद अब आपूर्ति प्रभावित है। होमआइसोलेशन के मरीजों को फेविपिराविर टेबलेट सबसे पहले दी जाती है। जबकि कोविड संक्रमण से बचने के लिए लोग आइवरमेक्टिन का इस्तेमाल करते हैं। ये दोनों ही दवाएं बाजार में नहीं है। दवा के बड़े स्टॉकिस्ट का दावा है कि दो दिनों में दोनों दवाएं बाजार में आ जाएंगी।

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