बरेली में जनप्रतिनिधि के दबाव में ठेकेदार पर दर्ज हुई क्रास एफआइआर, जानिए क्या रही वजह

Cross FIR Registered on Contractor in Bareilly धान खरीद के लिए हरियाली बाजार में खोले गए क्रय केंद्र पर हुए विवाद में अब दूसरे पक्ष ने भी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके बाद दूसरे पक्ष ने भी ठेकेदार पर क्रास एफआइआर दर्ज करा दी है।

Ravi MishraSun, 05 Dec 2021 06:49 AM (IST)
बरेली में जनप्रतिनिधि के दबाव में ठेकेदार पर दर्ज हुई क्रास एफआइआर, जानिए क्या रही वजह

बरेली, जेएनएन। Cross FIR Registered on Contractor in Bareilly : धान खरीद के लिए हरियाली बाजार में खोले गए क्रय केंद्र पर हुए विवाद में अब दूसरे पक्ष ने भी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। माना जा रहा है कि ठेकेदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही दूसरे पक्ष ने उसके ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ऐसे में मामला तूल पकड़ने की आशंका बनी हुई। इस मामले में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि के शामिल होने की वजह से पुलिस भी कड़ी कार्रवाई करने से डर रही है।

सरकारी धान क्रय केंद्र सेकंड पर शाहजहांपुर जिले के गढ़िया रंगीन निवासी विशंभर लाल का धान तुलवाने का ठेका है। ठेकेदार विशंभर पर फतेहगंज पूर्वी निवासी प्रमोद कुमार ने आरोप लगाते हुए तहरीर दी। उन्होंने ठेकेदार पर आरोप लगाया कि उन्हें हैंडलिंग कार्य करने के लिए कहा। प्रमोद ने कहा कि विशंभर ने कहा था कि वह हैंडलिंग का काम नहीं कर पाएंगें, इस वजह से उन्होंने मुझे काम करने के लिए कहा। इसके बाद प्रमोद क्रय केंद्र पर बैठने लगे।

एक दिन विशंभर ने उनसे 1.25 लाख रुपये की मांग की। प्रमोद ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। इस पर ठेकेदार विशंभर आग बबूला हो गए और रिवाल्वर निकाल लिया मारने-पीटने पर आमादा हो गए। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देने लगे। क्रय केंद्र पर बैठे रणवीर, रावेंद्र, मुनेंद्र, भुवनेश आदि ने उन्हें बचाया । प्रमोद ने कोतवाली में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। आरोप लगाया कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण तीन दिसंबर को भी क्रय केंद्र पर झगड़ा हुआ।

पहले ठेकेदार ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

इससे पहले शुक्रवार को ठेकेदार विशंभर ने कोतवाली में तहरीर दी थी। इस मामले में आला अधिकारियों की पैरवी की वजह से विशंभर की तहरीर पर रविंद्र, प्रमोद और तीन अज्ञात के खिलाफ धारा 342 और धारा 506 में मुकदमा दर्ज किया गया। दर्ज मुकदमे के अनुसार ठेकेदार विशंभर क्रय केंद्र पर थे तभी रविंद्र अपने साथियों के साथ पहुंचे और ठेकेदार से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए कहा कि यहां पर ठेकेदारी तभी कर पाओगे जब रुपये दोगे। विरोध करने पर रवींद्र ने तमंचा दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी और दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल

धान क्रय केंद्र पर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के मुकदमे तो दर्ज कर लिए। देखने वाली बात यह है 25 नवंबर को हुई घटना की रिपोर्ट तीन दिसंबर को रात 8:15 बजे दर्ज हुई, जबकि तीन दिसंबर को दूसरे पक्ष के साथ हुई घटना को शाम को ही दर्ज कर लिया गया। बताते हैं दोनों पक्षों की सरकार से जुड़े बड़े नेता पैरवी कर रहे हैं इसीलिए इतने गंभीर मामले में पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही। इस वजह से पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक केंद्र पर हो रही चार केंद्रों की धान खरीद

क्रय केंद्रों पर अनाधिकृत लोगों का जमावड़ा दिन भर जारी है। ऐसे में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। सरकारी धान खरीदने के लिए खोले गए चार क्रय केंद्र राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हरियाली किसान बाजार में चल रहे हैं। दो क्रय केंद्र प्रभारियों के जिम्मे में चारो क्रय केंद्र हैं। केंद्र पर ठेकेदारी के नाम पर हर समय आधा दर्जन लोग बैठे रहते हैं। चार क्रय केंद्र तो कागजों में ही है। लेकिन एक पर सभी केंद्रों की खरीद हो रही है। धान तौलने के एवज में हो रही मोटी कमाई के चक्कर में ठेकेदारों में लड़ाई हुई तो दो पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। इसके बाद दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।

मामले की जांच कराई जा रही है। यदि मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी तरह से समझौता नहीं किया जाएगा। आरके मिश्र, सीओ फरीदपुर

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