बरेली में कूड़े के ढेर पर गोवंश का डेरा, समाधान तलाशने निकले अफसर

कुछ डेयरी संचालकों ने शहरवासियों की मुश्किल ज्यादा बढ़ा दी। दूध लेने के बाद पशुओं को चरने के लिए खुला छोड़ रहे। जागरण के अभियान का संज्ञान लेकर शहर के हाल देखने निकले नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार को कई जगह ऐसी स्थिति देखने को मिली। पीलीभीत बाइपास डेलापीर रोड वीर सावरकर नगर के आसपास के क्षेत्र में गोवंशीय पशु कूड़े के ढेर में निवाला तलाशते दिखे।

JagranMon, 29 Nov 2021 05:22 AM (IST)
बरेली में कूड़े के ढेर पर गोवंश का डेरा, समाधान तलाशने निकले अफसर

जागरण संवाददाता, बरेली: कुछ डेयरी संचालकों ने शहरवासियों की मुश्किल ज्यादा बढ़ा दी। दूध लेने के बाद पशुओं को चरने के लिए खुला छोड़ रहे। जागरण के अभियान का संज्ञान लेकर शहर के हाल देखने निकले नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार को कई जगह ऐसी स्थिति देखने को मिली। पीलीभीत बाइपास, डेलापीर रोड, वीर सावरकर नगर के आसपास के क्षेत्र में गोवंशीय पशु कूड़े के ढेर में निवाला तलाशते दिखे।

बेसहारा पशुओं के कारण शहर की यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही। हादसे हो रहे, जिनमें राहगीर और पशुओं को भी चोटें आती हैं। रविवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी जब पीलीभीत बाईपास रोड पर पहुंचे तो लोगों ने बताया कि पूरे दिन गायों का झुंड कूड़े के ढेर में चारा तलाशता है। कालोनियों की सड़कों पर गंदगी होती है। कुछ डेयरी संचालक सुबह को दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। दिन में उनके कर्मचारी पशुओं को देखने के बाद चक्कर लगा जाते हैं। शाम को इन्हें दोबारा डेयरी की ओर ले जाते हैं। इससे डेयरी संचालक अपना चारा का खर्च बचा रहे मगर, राहगीरों के लिए मुश्किल खड़ी कर देते हैं। इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि ऐसे डेयरी संचालकों पर जुर्माना डालेंगे। नगर निगम का वाहन बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रोज निकलता है। जब भी ऐसे पशु दिखें तो सूचना करें ताकि पकड़कर गोशाला भेजा जा सके। डेयरी संचालकों से जुर्माना वसूलने के बाद ही ऐसे पशुओं को लौटाया जाता है। उन्होंने करीब दो किमी क्षेत्र में टहलकर स्थिति देखी।

बच्चों को खतरा

वह वीर सावरकर नगर के पास पहुंचे तो क्षेत्रवासियों ने रोक लिया। कहा कि कमजोर और दूध न देने वाली गायों को यहां छोड़ दिया जाता है। इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने ऐसा करने वालों के नाम लिखकर देने को कहा ताकि कार्रवाई हो सके। कूड़े के ढेर पर पालीथिन निगल रही गायों को देखकर उन्होंने टीम को निर्देश दिए कि ऐसा न हो। डेलापीर रोड पर लोगों ने कहा कि कई सांड व बैल भी छोड़ दिए गए हैं। सुबह को पैदल व साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खतरा होता है। न जाने कब पशुओं का झुंड बच्चों को चपेट में ले ले।

रोजाना पकड़े जा रहे बेसहारा गोवंश, दे रहे संरक्षण

नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शहर में रोजाना ही खुले घूमने वाले गोवंशीय पशुओं को पकड़ा जा रहा है। उन्हें कान्हा उपवन ले जाते हैं। वहां इस समय करीब एक हजार गोवंशीय पशुओं को रखा गया है। उनके खाने-पीने, इलाज समेत अन्य व्यवस्थाएं नगर निगम करा रहा है।

पालीथिन वालों के खिलाफ चलेगा अभियान

नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शहर से निकलने वाले कूड़े में बड़ी मात्रा पालीथिन की है। नगर निगम ने पहले भी इसके खिलाफ अभियान चलाया है। लोगों को पालीथिन का इस्तेमाल नहीं करने को जागरूक भी किया है। बावजूद इसके धड़ल्ले से पालीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। पालीथिन को रोकने के लिए जल्द बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए निगम काम करेगा।

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