फ्री का झटका दे रहे कोविड अस्पताल

'फ्री' का झटका दे रहे कोविड अस्पताल
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 03:20 AM (IST) Author: Jagran

बरेली, जेएनएन : जिले में कोरोना संक्रमण के प्रकोप को सात माह होने को हैं लेकिन, अभी भी लोगों के मन में अस्पताल में भर्ती होने को लेकर शंकाएं हैं। अस्पताल इसी का फायदा उठाकर मरीजों को सरकारी मदद से इलाज की बात कहकर निजी खर्च पर भर्ती कर लेते हैं। इसलिए जरूरी है कि अस्पताल में संक्रमित को भर्ती कराने से पहले फार्म को अच्छी तरह से पढ़ लें। स्पष्ट बताएं कि इलाज अपने खर्च पर चाहते हैं या सरकारी खर्च पर। निजी इलाज का भी शुल्क तय हैं।

जिले में अब तक कुल 11,559 संक्रमितों में 4,164 ने कोविड अस्पतालों में इलाज कराया। अधिकांश मरीज शुरुआती दिनों के हैं। क्योंकि होम आइसोलेशन की सुविधा आने के बाद अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम हो गई है। यही से सिलसिला शुरू हुआ कोविड अस्पतालों में संक्रमितों को सरकारी खर्च पर भर्ती करने के बाद बिल थमाने का। संक्रमितों के स्वजनों ने आरोप लगाए कि सरकारी खर्च पर भर्ती करने के बाद फार्म दिखाकर उनके हस्ताक्षर दिखाए गए कि आपने पेड सुविधा को चुना था। मजबूरी में संक्रमितों ने बिल का भुगतान किया। जहां हंगामा हुआ, वहां कुछ रियायत देकर भुगतान करवाया गया।

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शासन से अस्पतालों का निर्धारित शुल्क:

नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) वाले अस्पतालों में

- आइसोलेशन बेड आक्सीजन समेत दस हजार रुपये प्रतिदिन

- बिना वेंटीलेटर आइसीयू के 15 हजार रुपये प्रतिदिन

- वेंटीलेटर समेत आइसीयू के 18 हजार रुपये प्रतिदिन

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वहीं नान नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) वाले अस्पतालों में:

- आइसोलेशन बेड आक्सीजन समेत आठ हजार रुपये प्रतिदिन

- बिना वेंटीलेटर आइसीयू के 13 हजार प्रतिदिन

- वेंटीलेटर समेत आइसीयू के 15 हजार रुपये प्रतिदिन (इनके साथ पीपीई का शुल्क पहले से शामिल है।)

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संक्रमित एक नजर में :

अब तक कुल 11,559

कोविड अस्पतालों में इलाज कराने वाले 4,164 संक्रमित

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सर्विलांस टीम तय करती है अस्पताल

पाजिटिव आने के बाद सर्विलांस टीम संक्रमित से बात करती है। जानकारी लेती है। बीमारी या लक्षण होने पर अस्पताल निर्धारित किया जाता है। सर्विलांस टीम के बताए अस्पताल में संक्रमित को भर्ती किया जाता है।

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एल वन - दो अस्पताल

एल टू - दो अस्पताल

एल थ्री - दो अस्पताल

निजी (पेड) - निजी दो अस्पताल

------ संक्रमितों को पूरी जानकारी दी जाती है। यह सही है कि एक बार फार्म को पढ़ लेने से भविष्य में होने वाली असुविधा से बचा जा सकता है।

- डा. विनीत शुक्ल, सीएमओ

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