हर पांचवें घर में संक्रमित, पांच दिन में आठ मौतों से दहशत

हर पांचवें घर में संक्रमित, पांच दिन में आठ मौतों से दहशत

कांधरपुर. यानी आंवला सांसद का गांव। कोविड संक्रमण की जद में आए इस गांव के हालात बहुत खराब हैं। हर पांचवें घर में एक संक्रमित है। यहां पांच दिनों में आठ ग्रामीणों की मौतें हो चुकी हैं।

JagranFri, 14 May 2021 06:20 AM (IST)

बरेली, जेएनएन: कांधरपुर. यानी आंवला सांसद का गांव। कोविड संक्रमण की जद में आए इस गांव के हालात बहुत खराब हैं। हर पांचवें घर में एक संक्रमित है। यहां पांच दिनों में आठ ग्रामीणों की मौतें हो चुकी हैं। गांव में होने वाली इन मौतों का स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से कोई लेनादेना नहीं है। आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए लोगों को 10 से 15 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। दैनिक जागरण की टीम गांव पहुंची तो यहां लापरवाही भी खुलेआम नजर आई। शाम पांच बजे के बाद गांव का बाजार भी आम दिनों की तरह गुलजार हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश मौत 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हुई है। समय पर कोविड जांच की रिपोर्ट नहीं आने से भी संक्रमण बढ़ रहा है। गांव में सैनिटाइजेशन के लिए टीम तो आती है, लेकिन साफ-सफाई के इंतजाम ठीक नहीं है।

शाम पांच के बाद गुलजार होता है बाजार

कोरोना संक्रमण से घबराए लोगों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद बाजार खुलने लगता है। कॉस्मेटिक से लेकर चाट-पकौड़ी की दुकानों पर शौकीन उमड़ते रहते हैं। पुलिस भी इन दुकानों को बंद नहीं करवाती है। इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है।

सिर्फ नाम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

कांधरपुर में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ नाम का ही है। हाल यह है कि ग्रामीण यहां आना तक पसंद नहीं करते। मौके पर पहुंचकर सच्चाई देखनी चाही तो हकीकत होश उड़ा देने वाली निकली। अगर यहां दोपहर 12 बजे के बाद कोई मरीज आए तो उसको उपचार मिलना संभव नहीं है, क्योंकि चिकित्सक समय से पहले ही घर की ओर कदम बढ़ चुके होते हैं। एक आशा ने बताया कि चिकित्सक समय से पहले ही घर चले जाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि यहां दवाइयों का भी टोटा है।

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गांव में दो सौ से अधिक लोग संक्रमित हैं। अधिकतर घरों में लोगों को बुखार-खांसी की दिक्कत है। 20 अप्रैल से लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।

- धर्मप्रकाश सिंह

अप्रैल में ही उनके परिवार के चार लोगों की संक्रमण के चलते सांसें थम गईं। बताते हैं कि पत्नी, पिता और दो सालियों की मौत से परिवार टूट गया है।

- मनोहर सिंह

पीएचसी पर न तो दवाइयां मिलती हैं और न ही चिकित्सक बैठ रहे हैं। बीमार ग्रामीण इलाज के लिए जाएं तो आखिर किस के भरोसे।

- श्यामलाल

गांव में जिम्मेदारों की ओर से सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा है। शाम को दुकानें खुलने के बाद भीड़ उमड़ने लगती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ने लगता है।

- राजबहादुर

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क्या कहते हैं सांसद

मुख्यमंत्री के सामने मैंने कहा था कि गांव की स्थिति ठीक नहीं। कांटेक्ट ट्रेसिग और जांच बढ़ा दीजिए। घर-घर मेडिकल किट पहुंचाइए। बहुत से प्रयास हम अपने स्तर पर करवा रहे हैं। सिर्फ कांधरपुर ही नहीं, जहां भी हमें पता चलता है, वहां मदद पहुंचाते हैं। हमारे भी स्वजन को कोविड हुआ। हमारी हेल्पलाइन पर घर में आइसोलेट हुए मरीजों के टहलने के फोन आते है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

- धर्मेंद्र कश्यप, सांसद, आंवला

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ग्रामीणों को संक्रमण से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। हर रोज सैनिटाइजेशन और सफाई के लिए सफाईकर्मी की टीम लगी हुई है। गांव का क्षेत्रफल और आबादी ज्यादा है, इसलिए हर जगह सैनिटाइजेशन नहीं हो सका है।

- ओमवती, ग्राम प्रधान

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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर की जांच

जासं, बरेली: सांसद आंवला ने सीएमओ डा. सुधीर गर्ग को फोन करके जल्द कोविड सेंटर तैयार करने के लिए कहा, ताकि कोविड जांच बढ़वाई जा सके। जरूरत पड़ने पर मरीजों को दाखिल किया जाए। उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए गांव में विशेष प्रबंध होने चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजो की भर्ती की व्यवस्था कराए। सांसद धर्मेंद्र कश्यप की हेल्पलाइन पर गांव वालों के फोन भी पहुंच रहे है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव लस्करीगंज, धारूपुर चौबारी, कांधरपुर, इटौआ, सुखदेवपुर, दौली खजुआई, गौतारा में लोगों की एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर जांच की गई। बीसीपीएम मनोज कुमार की अगुवाई में कोविड लक्षण वाले रोगियों की सूची बनाकर दवा वितरित की गई। गांव उड़ला जागीर में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहां गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंचेगी।

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