कोरोना संक्रमण : 335 दिन बाद शून्य से मुस्कुराया बरेली का स्वास्थ्य महकमा, बोला- नहीं बरतेंगे कोताही

कोरोना संक्रमण : 335 दिन बाद शून्य से मुस्कुराया बरेली का स्वास्थ्य महकमा, बोला- नहीं बरतेंगें कोताही

शून्य और निगेटिव... दोनों ही शब्द वैसे तो अच्छे नहीं माने जाते हैं। लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए सेहत के पैमाने पर ये शब्द सुखद एहसास दे रहे हैं। दरअसल सैकड़ों से दहाई और फिर इकाई के अंक तक पहुंचे कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट शुक्रवार को शून्य रही।

Ravi MishraSun, 28 Feb 2021 03:15 PM (IST)

बरेली, जेएनएन।  : शून्य और निगेटिव... दोनों ही शब्द वैसे तो अच्छे नहीं माने जाते हैं। लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए सेहत के पैमाने पर इन शब्दों को रखें तो ये सुखद एहसास दे रहे हैं। दरअसल, सैकड़ों से दहाई और फिर इकाई के अंक तक पहुंचे कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट शुक्रवार को शून्य रही। ऐसा नहीं, कि महकमे ने शुक्रवार को कोविड टेस्ट नहीं किए। करीब 2500 सैंपलों की जांच हुई। जिसके बाद भी कोरोना पॉजिटिव केस जीरो मतलब शून्य रहे। हालांकि देश के कुछ राज्यों में दोबारा तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए एहतियात अब और भी जरूरी है।

मार्च में मिला था पहला पॉजिटिव

जिले में 27 मार्च को पहला कोरोना पॉजिटिव केस मिला था। सुभाष नगर निवासी युवक नोएडा की एक अग्निशमन यंत्र बनाने वाली कंपनी में काम करता था। लाकडाउन की वजह से वहां से जिले में वापस आया था। 25 मार्च को युवक का सैंपल लिया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल भी लिये गए थे। इसमें परिवार में मासूम बच्चे को छोड़कर सभी पॉजिटिव मिले थे।

जून से जिले में बढ़े थे कोरोना संक्रमित

जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा जून महीने के बाद हुआ था। तब रोजाना करीब 100-150 तक कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। कोरोना संक्रमण की दर भी 6.6 के करीब थी। इसके बाद सितंबर महीने के करीब संख्या कुछ कम होनी शुरू हुई। इस दौरान संक्रमण दर चार के करीब पहुंची। जो, दिसंबर से जनवरी और फरवरी तक और कम हो गई। फरवरी महीने में कोरोना संक्रमण की दर 0.13 के करीब पहुंच गई।

जिले में कोरोना संक्रमण : एक नजर

कुल सैंपल : 5.81 लाख

कुल संक्रमित : 14,673

कुल स्वस्थ : 14,476

वर्तमान संक्रमित : 31

कुल मौत : 166

रोडवेज बस अड्डे पर मरीजों की हुई जांच

केरल या महाराष्ट्र में बढ़ते कोविड संक्रमण से जिले में बचाव के लिए शनिवार से रोडवेज बस अड्डे और जंक्शन पर दोबारा टेस्टिंग शुरू हुई। पुराना बस अड्डे और सेटेलाइट बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुसाफिरों की ट्रैवल हिस्ट्री जानी। केरल, महाराष्ट्र या गुजरात से आने वाले हर मुसाफिर का कोविड टेस्ट लिया। यही नहीं, जो मुसाफिर 72 घंट में आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं, उनको भी होम क्वारंटाइन रहने के निर्देश आदेश दिए गए। इन मुसाफिरों पर महकमा विशेष नजर भी रखेगा। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में बनीं निगरानी समिति इन पर लगातार नजर रखेंगी।

फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर हुए टेस्ट

शुक्रवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या भले ही शून्य आई, लेकिन जिले में महकमे के अधिकारी कोविड को लेकर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं हैं। फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा के पास स्वास्थ्य महकमे ने शिविर लगवाकर शनिवार को भी रोडवेज बसें, निजी वाहन और ट्रक आदि में बैठे लोगों के एंटीजन और आरटी-पीसीआर टेस्ट कराए। शनिवार को 102 आरटी-पीसीआर टेस्ट और 75 एंटीजन टेस्ट हुए।

 जिले में शुक्रवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना संक्रमितों की संख्या शून्य रही, यह अच्छी बात है। हालांकि महकमा किसी तरह की कोताही नहीं करेगा। जिला सर्विलांस अधिकारी के नेतृत्व में जांच और निगरानी का तंत्र और मजबूत होगा। - डॉ.एसके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.