शाहजहांपुर में सरकारी योजनाओं का दावा : कहां गई पेंशन, खोज रहे बुजुर्ग, टरका रहे कर्मचारी

शाहजहांपुर में सरकारी योजनाओं का दावा पात्रों तक पहुंचाने का दावा तो किया जा रहा है लेकिन उनका लाभ लोगों को मिल रहा है या नहीं यह जानने की फुर्सत किसी के पास नहीं है। सरकारी सिस्टम से हो रहे काम का ही नतीजा है

Ravi MishraWed, 22 Sep 2021 05:47 PM (IST)
शाहजहांपुर में सरकारी योजनाओं का दावा : कहां गई पेंशन, खोज रहे बुजुर्ग, टरका रहे कर्मचारी

बरेली, जेएनएन। शाहजहांपुर में सरकारी योजनाओं का दावा पात्रों तक पहुंचाने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन उनका लाभ लोगों को मिल रहा है या नहीं यह जानने की फुर्सत किसी के पास नहीं है। सरकारी सिस्टम से हो रहे काम का ही नतीजा है कि लाभार्थी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

स्थान - विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग का कार्यालय। वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक लाभ, शादी अनुदान, छात्रवृत्ति जैसी तमाम महत्वूर्ण योजनाएं यहां से संचालित होती हैं, लेकिन इनका लाभ न मिलने के कारण फरियादियों की भीड़ यहां लगी रहती है। मंगलवार को पूर्वाह्न के लगभग साढ़े 11 बज रहे थे। कार्यालय में कहने को बाबू तो थे, लेकिन अपनी सीटों पर एक-दो ही नजर आ रहे थे। खाली पड़ी एक सीट से दूसरी सीट पर तमाम बुजुर्ग जरूर भटक रहे थे। हाथों में आधार कार्ड व बैंक पास बुक थामे इन बुजर्गों की समस्या एक ही थी पेंशन न मिलना।

किसी का कहना था कि उनकी पेंशन गत जून से नहीं आयी, तो कोई इस वर्ष मार्च के बाद से पेंशन न मिलने की समस्या बता रहा था। गेट के पास बैठे एक कर्मचारी से पूछना चाहा तो उन्होंने पहले बात को अनुसना कर दिया। जब और लोग भी आए तो उसने अंदर साहब की मीटिंग चल रही है, थोड़ी देर चुप रहो। यह कहकर उन लोगों को शांत करा दिया। करीब आधे घंटे बाद कार्यालय में भीड़ बढ़ चुकी थी, पर प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी गौरव मिश्रा की मीटिंग अब भी जारी थी। पूछने पर पता चला कि 25 सितंबर को गरीब कल्याण मेला होना है।

सभी ब्लाकों पर आयोजन की तैयारी के लिए स्टाफ के साथ चर्चा हो रही है। काफी देर से परेशान बुजुर्ग अपनी समस्या बताने लगे तो उनकी आवाज अंदर तक पहुंची। समाज कल्याण अधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन का पटल देखने वाले बाबू महेंद्र कुमार कनौजिया को बुलाया। कहा कि जो भी लोग आए हैं उनकी समस्या का निसतारण करा दें। अपनी सीट पर बैठकर महेंद्र ने काम तो शुरू किया, लेकिन सरकारी तरीके से।

जिस कारण डेढ़ बजे तक कुछ बुजुर्गों की बात ही सुन पाए। इस बीच समाज कल्याण अधिकारी अपने कार्यालय से उठकर गए तो आधे कर्मचारी भी पटल से गायब हो गए। पेंशन के लिए आए फरियादी फिर भटकने लगे। यह हाल सिर्फ बुजुर्गों का नहीं था। शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की धनराशि न मिलने के कारण कई विद्यार्थी भी परेशान दिखे।

रहने वाली भावलखेड़ा ब्लाक की, सत्यापन भेजा दिया ददरौल

समाज कल्याण अधिकारी के निर्देश पर बाबू महेंद्र कनौजिया ने बुजुर्गों की पेंशन का विवरण देखना शुरू किया। आधे घंटे तक फाइलों में खोजीं। जिसके बाद 70 वर्षीय सुदामा की समस्या और बढ़ गई। सिस्टम की लापरवाही में उनकी पेंशन का सत्यापन ददरौल विकास खंड के ग्राम शहबाजनगर भेज दिया गया। जबकि वह भावलखेड़ा ब्लाक गांव दनियापुर की रहने वाली हैं। पौत्र के साथ आयी सुदामा थककर फर्श पर ही बैठ गई। पूछा बेटा अब क्या पेंशन नहीं मिलेगी। जिस पर कनौजिया ने बीडीओ से पता प्रमाणित कराने पर ही पेंशन मिलने की बात कही। यह सुनकर सुदामा निराश होकर वहां से चलीं गईं।

पति की पेंशन ने गंगा देवी बढ़ाई टेंशन

सिंधौली ब्लाक के उल्लियागांव निवासी गंगा देवी को सत्यापन रिपोर्ट में अपात्र बताकर पेंशन रोक दी। काफी इंतजार करने के बाद बताया कि उनके पति भी पेंशन पा रहे हैं। इसलिए अब एक को ही मिलेगी। गंगा देवी बोलीं दवा का खर्च निकल आता था। वह भी छीन लिया।

सत्यापन में 3933 नाम कटे, 10700 बढ़े

समाज कल्याण दफ्तर में पेंशन पता करने आए मकरंद, बृजलाल, हामिद हसन, मशरूफ बेगम, रामचंद्र भी पेंशन के लिए परेशान थे। पेंशन क्यों कटी, सभी का यही सवाल था। कंप्यूटर आपरेटर सौरभ का जवाब था कि अपात्र हो गए हो।

बैंक कार्मिक भी कर रहे परेशान

पेंशन न मिलने पर जमुही गांव के रामचंद्र समेत कुछ बुजुर्गों के साथ आए थे यहां आने पर पता चला कि दो सितंबर को खाते में पेंशन के 1500 रुपये भेज दिए गए। रामचंद्र ने बताया कि बैंक कार्मिकों ने पेंशन धनराशि न आने की बात कहकर बैरंग कर दिया।

शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए भी भटक रहे विद्यार्थी

कंप्यूटर कक्षा में महाराज कालीचरन इंटर कालेज के विद्यार्थी विमल शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की जानकारी ले रहे थे। आपरेटर उन्हें बता रहे थे कि अभी बजट नहीं आया है। विमल ने बताया कि वह कई चक्कर लगा चुके, लेकिन अभी तक मदद नहीं मिली।

फैक्ट फाइल

- 97092 बुजुर्ग पा रहे थे वृद्धावस्था पेंशन

- 3812 बुजुर्ग सत्यापन में मृतक मिले

- 121 लाभार्थियों को सत्यापन में अपात्र

- 10700 नए लाभार्थी बुजुर्ग बढ़े

समाज कल्याण विभाग में संचालित योजनाओं का 2017- 18 से अब वर्षवार लाभार्थियों की संख्या

योजना का नाम : 2017-18 - 2018-19 - 2019-20 - 2020-21 - 2021-22

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ : 2335 - 2480 - 4183 - 3069 - 500

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह : 442 - 772 - 712 - 414 - 225

अनु. जाति अत्याचार निवारण : 387 - 160 - 472 - 384 - 181

अनु. जाति शादी अनुदान : 1480 - 2014 - 1997 - 332 - शून्य

सामान्य वर्ग शादी अनुदान : 800 - 1563 - 2064 - 188 - शून्य

पूर्व दशम व दशो0त्तर छात्रवृत्ति : 21992 - 21822 - 27048 - 20667 - शून्य

वृदावस्था पेशन योजना : 87480 - 883721 - 96993 - 97092 - 103915

योजना व उनके लिए मिलने वाली धनराशि पर एक नजर

- 30 हजार रुपये मिलते राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में

- 51 हजार की मदद दी जाती मुख्यमंत्री विवाह योजना में

- 20 हजार व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना में प्रति लाभार्थी दिया जाता

- 500 रुपये प्रतिमाह मिलती है वृद्धावस्था पेंशन

सितंबर से समाज कल्याण विभाग का दायित्व मिला है। व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास है। वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन कराया गया है। इस कारण बड़ी संख्या में पेंशन बंद हुई है। पात्रों को योजना का लाभ दिलाने का प्रयास है। गौरव मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी व प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी

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