जन्म नक्षत्र के अनुसार करें आजीविका का चयन करें तो मिल सकती है सफलता, जानिए नक्षत्र के अनुसार व्यवसाय

आजीविका के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए जन्म नक्षत्र के अनुसार भी व्यवसाय का चयन किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य मुकेश मिश्रा की मानें तो आजीविका चयन का ज्योतिष में प्राचीन और सर्वमान्य नियम यह है।

Ravi MishraFri, 11 Jun 2021 05:43 PM (IST)
जन्म नक्षत्र के अनुसार करें आजीविका का चयन करें तो मिल सकती है सफलता, जानिए नक्षत्र के अनुसार व्यवसाय

बरेली, जेएनएन। आजीविका के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए जन्म नक्षत्र के अनुसार भी व्यवसाय का चयन किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य मुकेश मिश्रा की मानें तो आजीविका चयन का ज्योतिष में प्राचीन और सर्वमान्य नियम यह है कि कर्मेश यानी दशमेश जिस ग्रह के नवांश घर में हो उस ग्रह के गुण धर्म के अनुसार व्यक्ति की आजीविका होगी।इसके अतिरिक्त ज्योतिष ग्रंथों और वृहत-संहिता खंड-एक के अध्याय 15 में उल्लेख के अनुसार जन्म नक्षत्र और कर्म नक्षत्र के अनुसार आजीविका, व्यापार या सर्विस चुनने में सफलता जल्दी मिलती है।तदनुसार बालक पढ़ाई करें।इनके विषयों की पढ़ाई से सफलता मिलेगी।

1. अश्विनी नक्षत्र: खिलाड़ी, सेनापति, डाक्टर, वाहन का व्यापार,शिक्षक।

2. भरणी नक्षत्र: ब्लड बैंक, पैथोलाजिस्ट या अनाज व्यापारी, कार्यालय मैनेजर।

3. कृतिका नक्षत्र: फायनेन्स कार्य (बैंकर), बर्तन, क्राकरी व्यापारी, चार्टर्ड अकाउन्टेंट आदि।

4. रोहिणी नक्षत्र: व्यापार, टेक्सटाइल एजेन्सी, पायलट, किसान, खनिज व्यापार, डेयरी संचालक, विज्ञान प्रोफेसर।

5. मृगशिरा नक्षत्र: कपड़ा व्यापार, संगीतज्ञ, आफिस कार्य, जेलर, साफ्टवेयर इंजीनियर, अधिकारी-जज।

6. आर्द्रा नक्षत्र: पुलिस विभाग, वकील, राजनेता, दवाई व्यापार, डाक्टर।

7. पुनर्वसु नक्षत्र: अभिनेता, चित्रकार, माडल, फैन्सी वस्तु व्यापार, ईमानदार, धार्मिक नेता, फायनेन्स मैनेजर-बैंकर/मैनेजर।

8. पुष्य नक्षत्र: गेहूं, चावल, किराना व्यापार, राजनीति, पानी के व्यापारी, इंजीनियर तेल/लोहा प्रोडक्शन-व्यापार, सर्जन डाक्टर, फायनेन्स

9. अश्लेषा नक्षत्र: आयुर्वेद डाक्टर, दवा व्यापार, आर्टीफीशियल चीजों का व्यापार, डाक्टर,

10. मघा नक्षत्र: व्यापार, मिलिट्री सर्विस, पुलिस सर्विस, बड़े शहर में व्यापार- इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का व्यापार।

11. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: अभिनेता, संगीतकार, तेल व कपड़ा व्यापार, फैन्सी अंडरगारमेन्ट का व्यापार, बुटिक व्यापार|

12. उत्तरा फालगुनी नक्षत्र: अधिकारी वर्ग- आई. ए. एस आदि, अच्छे राजनेता, अनाज व्यापार, डेयरी व्यवसाय,|

13 . हस्त नक्षत्र: वहन प्रोडेक्शन, व्यापार राजनेता , अभिनेता, कमीशन एजेन्ट, अकाउंट्स लाईन, प्रोपर्टी डीलर, बिल्डर।

14. चित्रा नक्षत्र: ज्वैलर, फैशन डिजाइनर, गायक-संगीतकार, चार्टर्ड अकाउन्टेंट, वकील, फायनेन्स मैनेजर, सेल में अधिकारी।

15. स्वाति नक्षत्र: वाहन व्यापार, होटल-रेस्टोरेंट व्यापार, कांट्रेक्टर, होटल-मैनजेमटं काेर्स, शेयर व्यापार।

16. विशाखा नक्षत्र: कपड़ा मॅन्युफॅक्चर, वाहन मन्यफक्चर, व्यापार, फायनेंस मैनेजर, बैंक सर्विस, चना/ उड़द, तिलहन, विदेश व्यापार, एडवोकेट, न्यायाधीश।

17. अनुराधा नक्षत्र: मिलिट्री, पुलिस सर्विस, आई. पी. एस अधिकारी, आर्मी में कैप्टन, मेजर, राजनेता, ट्रेवल एजेंट, एंकर।

18. ज्येष्ठा नक्षत्र: वकील, मिलिट्री, पुलिस अधिकारी, खानदानी व्यवसाय, म्यूजक एक्सपर्ट, डेयरी का व्यवसाय।

19. मूल नक्षत्र: डाक्टर, दवाई, व्यापार, फल व्यवसाय, खेती से लाभ। इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का व्यापार।

20. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: इंजीनियर, डेयरी व्यवसाय, संगीतज्ञ, अधिकारी।

21. उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: राजनेता, पहलवान, ट्रासं पार्टे व्यवसाय, वनस्पति प्रोफेसर, फारेस्ट आफिसर। क्रिकेटर सुनील गावस्कर का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था।

22. श्रवण नक्षत्र: उद्योगपति, धार्मिक, सोशल संस्थाओं का लीडर या इन वस्तुओं का व्यापार।

23. धनिष्ठा: मिलिट्री सर्विस, लोहे का व्यापार, पुलिस सर्विस।

24. शतभिषा: डेयरी व्यवसाय, इंजीनियर, इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का व्यापार।

25. पूर्वा भाद्रपद - धार्मिक नेता, प्रोफेसर, शिक्षा विभाग में कार्य, फिल्म अभिनेता।

26. उत्तरा भाद्रपद - ज्वेलर, अधिकारी, प्रोफेसर, वकील, फिल्म कलाकार।

27. रेवती नक्षत्र - परफ्यूम व्यापार, रत्न व्यवसाय, फिल्म कलाकार। देवानंद, फिल्म अभिनेता तथा मेनका गांधी, पूर्व मंत्री और अरूण शौरी, पूर्व मंत्री का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था।

भाग्येश जिस नक्षत्र में होता है वह आजीविका चयन में मुख्य होता है।इसी प्रकार दशम स्थान की राशि जिस नक्षत्र में होती है वह भी व्यवसाय/सर्विस की कारक होती है।ज्योतिष शास्त्र में भगवान श्री विष्णु के शरीर के अंगों पर नक्षत्रों की उत्पत्ति वर्णित है। भगवान ने उन्हें उत्पन्न करके अपने ही शरीर के विभिन्न अंगों में उनके निवास में स्थान दिया।

वेद-पुराणों में यह भी वर्णन आया है कि राजा दक्ष प्रजापति की सत्ताईस कन्याएं थीं। वही हमारे नक्षत्र हैं। उन सत्ताईस कन्याओं का विवाह चंद्रमा से किया गया था। चंद्रमा प्रति दिन एक पत्नी के घर रहता आया है। आज भी चंद्रमा इसी प्रकार प्रत्येक नक्षत्र पर भ्रमण करता है। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.