Bareilly Smart City : बरेली में कूड़ा बीनने वाले 300 बच्चों की बदलेगी किस्मत, बनेंगे स्मार्ट, बाेलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी

Bareilly Smart City देश के भविष्य के स्मार्ट और योग्य होने पर ही पूरी तरह से शहर स्मार्ट होगा। इसी कड़ी में जिन बच्चों के कंधे पर कूड़े के बोरे थे उन्हें कापी-किताबों का बैग थमाने की तैयारियां की जा रही है।

Ravi MishraThu, 25 Nov 2021 11:39 AM (IST)
Bareilly Smart City : बरेली में कूड़ा बीनने वाले 300 बच्चों की बदलेगी किस्मत, बनेंगे स्मार्ट, बाेलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी

बरेली, शुभम शर्मा। Bareilly Smart City : देश के भविष्य के स्मार्ट और योग्य होने पर ही पूरी तरह से शहर स्मार्ट होगा। इसी कड़ी में जिन बच्चों के कंधे पर कूड़े के बोरे थे, उन्हें कापी-किताबों का बैग थमाने की तैयारियां की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिक्षकों व विभाग के अन्य कर्मचारियों को कूड़ा बीनने वाले बच्चों से मिलकर उनके माता-पिता और उन बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक कर उनका दाखिला कराने का प्रयास किया है। इसके लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) डा.मुकेश कुमार सिंह के अनुसार अगले सत्र में ऐसे तीन सौ बच्चों को खोज उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा़ जाएगा।

असल में न जाने कितने बच्चे ऐसे हैं जो परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने या पढ़ाई-लिखाई का माहौल न मिलने की वजह से शिक्षा से दूर हैं। कूड़ा बीनकर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करने वाले या किसी दुकान पर काम करने वाले बच्चों को अब उनके आसपास के किसी भी विद्यालय में उनका दाखिला कराया जाएगा। ताकि उनका भविष्य रोशन हो सके। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने विभागीय कर्मचारियों और शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है। स्कूल में बच्चों का दाखिला कराने के साथ ही समय-समय पर उन्हें कापी, पेंसिल, रबर जैसी आदि सामग्री भी दी जाएगी।

हर महीने किया जाएगा निरीक्षण 

जिन बच्चों का दाखिला स्कूल में होगा वो समय से स्कूल पहुंच रहे हैं या नहीं, बच्चे वे क्या-क्या सीख रहें इसको देखने के लिए हर महीने शिक्षक अपने आसपास के स्कूल में जाकर निरीक्षण करेंगे। वहीं डीआइओएस भी औचक निरीक्षण पर पहुंच व्यवस्था का जायजा लेंगे।

विद्यार्थियों को भी सौंपी जाएगी जिम्मेदारी 

अपने आसपास किसी जरूरतमंद बच्चे का दाखिला कराने या विभाग को इसकी जानकारी देने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को भी सौंपी जाएगी। इसके लिए छात्रों को एक्टिविटी के अलग से अंक भी मिलेंगे।

इस पहल को शुरू करने का उद्देश्य सिर्फ यह है कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे। इसके लिए शिक्षकों के साथ कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। - डा. मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

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