बरेली विकास प्राधिकरण ने कराई सौ करोड़ की एफडी

जागरण संवाददाता, बरेली: बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बीडीए ने पह

JagranSun, 19 Sep 2021 04:28 AM (IST)
बरेली विकास प्राधिकरण ने कराई सौ करोड़ की एफडी

जागरण संवाददाता, बरेली: बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बीडीए ने पहले बार बैंक में सौ करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपाजिट (एफडी) कराई। दस माह पहले तक कर्ज में डूबे बीडीए के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।

रामगंगा नगर आवासीय योजना की भूमि अर्जन के लिए प्राधिकरण ने बैंकों से ऋण लिया था, जिसकी अदायगी करीब 42 करोड़ रुपये बची थी। प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण योजना में विकास कार्य लगभग बंद थे। 10 माह पहले बीडीए उपाध्यक्ष जोगिदर सिंह ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया। इस पर प्राधिकरण का शमन शुल्क बढ़ना शुरू हुआ। मानचित्र स्वीकृत होने से बीडीए की आय बढ़ी। रामगंगा नगर आवासीय योजना का विकास कराने के साथ ही चार बड़ी गेटबंद कालोनियों के भूखंड लोगों को आवंटित किए। आय होने पर बीडीए ने सबसे पहले बैंकों का कर्ज चुकता किया। इसके बाद रामगंगा नगर आवासीय योजना के साथ ही शहर की अन्य सड़कों का निर्माण भी शुरू कराया। वर्तमान में बीडीए की आय दो हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। इससे योजना के सभी सेक्टरों पर तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। झूलेलाल द्वार मार्ग, मेकनियर रोड का निर्माण कराया जा रहा है। प्राधिकरण अब स्ववित्त पोषित हो गया है। इस कारण प्राधिकरण ने शनिवार को बैंक में सौ करोड़ रुपये की एफडी कराई। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिदर सिंह ने बताया कि इससे प्राधिकरण को हर साल करीब पांच करोड़ रुपये ब्याज मिलेगा।

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अवैध निर्माण ध्वस्त करने का खर्च भी वसूलेगा बीडीए

जागरण संवाददाता, बरेली: फतेहगंज पश्चिमी में अवैध निर्माण ढहाने के लिए दो दिन चली बीडीए की कार्रवाई में प्राधिकरण का लाखों रुपये खर्च हुआ। इस खर्च को अवैध निर्माण करने वाले तस्कर से ही वसूला जाएगा। शहर में कही भी अवैध निर्माण तोड़ने पर निर्माणकर्ता से ही खर्च वसूलने का निर्णय लिया गया है।

स्मैक तस्कर नन्हें लंगड़ा उर्फ रियासत ने फतेहगंज पश्चिमी में हाईवे किनारे अवैध रूप से बैंक्वेट हाल बनवा लिया था। बरेली विकास प्राधिकरण की टीमों ने दो दिन तक उसे ध्वस्त किया। खुद उपाध्यक्ष जोगिदर सिंह ने भी मौके पर खड़े होकर अवैध निर्माण ध्वस्त कराया। दो दिन लगातार ध्वस्तीकरण का काम हुआ। इसके लिए छह जेसीबी और पोकलेन मशीनें, जेनरेटर समेत अन्य संसाधन लगाए गए। इसमें प्राधिकरण का लाखों रुपये खर्च हुआ। अधीक्षण अभियंता राजीव दीक्षित के अनुसार एक जेसीबी मशीन एक हजार रुपये प्रति घंटा और तीन हजार रुपये प्रतिघंटा के हिसाब से पोकलेन मशीन किराए पर ली गई। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि दो दिन में प्राधिकरण का करीब आठ लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, लेकिन आकलन के बाद ही सटीक खर्च का पता चल पाएगा। अवैध निर्माण करने वालों से ही इस खर्च को वसूला जाएगा।

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