बरेली में प्रोफेसर और सपा नेता के पिता समेत चार कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ा, तीन दिन पहले प्रोफेसर की पत्नी की हो गई थी मौत

वरिष्ठ सपा नेता ब्रह्मस्वरूप सागर के पिता बीडी सागर का कोरोना से निधन हो गया।

कोरोना संक्रमण को लेकर हमारी बेपरवाही ने हालात खराब कर दिए हैं।महज चार दिन में ही 12 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आने से मर चुके हैं। अधिकांश में मौत का कारण आक्सीजन लेवल की कमी निकली है। शुक्रवार को बरेली कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर ने दम तोड़ दिया।

Samanvay PandeyFri, 16 Apr 2021 12:39 PM (IST)

बरेली, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को लेकर हमारी बेपरवाही ने हालात खराब कर दिए हैं।महज चार दिन में ही 12 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आने से मर चुके हैं। अधिकांश में मौत का कारण शरीर में आक्सीजन लेवल की कमी निकली है। शुक्रवार को कोविड से बरेली कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर ने दम तोड़ दिया। बरेली कालेज के कॉमर्स विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भारतेंदु शर्मा शहर के बड़ी बमनपुरी में रहते थे।

उनका निजी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उनकी संक्रमित पत्नी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, वरिष्ठ सपा नेता ब्रह्मस्वरूप सागर के पिता बीडी सागर का कोरोना से निधन हो गया। वह 80 बरस के थे। उनकी रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हुई। वह आरटीपीसीआर रिपोर्ट में पॉजिटिव आए थे। वहीं, शहर के स्टेडियम रोड स्थित नीलकंठ कॉलोनी निवासी 71वर्षीय महिला की दो दिन पहले घर पर हालत बिगड़ी थी। स्वजन उन्हें राजश्री मेडिकल कॉलेज ले गए थे। यहां जांच में वृद्धा कोरोना संक्रमित मिलीं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताते हैं कि महिला के 22 साल के बेटे में भी कोरोना की पुष्टि हुई है।

पवन विहार निवासी डॉक्टर के बेटे का नोएडा में निधन

स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होम्योपैथिक चिकित्सक डाॅॅ. डीएन सिंह के बेटे डाॅॅॅ. अनंत सिंह का कोरोना से निधन हो गया। दूसरा बेटा भी अति गंभीर हालत में है। नोएडा के अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर परिवार बरेली के पवन विहार के रहने वाले हैं।

इनकी हो चुकी मौत 

इससे पहले गुरुवार को भाजपा नेता समेत दो लोग, बुधवार को पांच लोग और मंगलवार को तीन लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई थी। अभी तक हुई मौतों को देखें तो अधिकांश मरीजों की मौत भर्ती होने के 24 से 72 घंटे के अंदर हुई है। जांच में अधिकांश के फेफड़े कोरोना संक्रमण से बुरी तरह संक्रमित मिले थे। इस वजह से अधिकांश मामलों में आक्सीजन सपोर्ट देने के बावजूद लोगों को नहीं बचाया जा सका।

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