बरेली के 300 बेड हाॅस्पिटल में बंद कमरे का तुड़वाया ताला, सैंपल देख दंग रह गए अफसर, जानिए फिर क्या हुआ

Corona Sample in 300 Bed Covid Hospital in Bareilly कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए हजारों लोगों ने जो सैंपल दिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने उनमें से कई सैंपलों की जांच कराने की जगह ताले में बंद कर दिया।

Ravi MishraPublish:Sat, 27 Nov 2021 06:50 AM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 06:50 AM (IST)
बरेली के 300 बेड हाॅस्पिटल में बंद कमरे का तुड़वाया ताला, सैंपल देख दंग रह गए अफसर, जानिए फिर क्या हुआ
बरेली के 300 बेड हाॅस्पिटल में बंद कमरे का तुड़वाया ताला, सैंपल देख दंग रह गए अफसर, जानिए फिर क्या हुआ

बरेली, जेएनएन। Corona Sample in 300 Bed Covid Hospital in Bareilly : कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए हजारों लोगों ने जो सैंपल दिए, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने उनमें से कई सैंपलों की जांच कराने की जगह ताले में बंद कर दिया। एक-दो या दस नहीं बल्कि दर्जनों सैंपलों के डिब्बों में सैकड़ों सैंपल। इनमें से कुछ इसी साल अगस्त महीने के थे तो कुछ इसके आगे-पीछे के महीनों के। बेपरवाही का यह मामला एक बार फिर 300 बेड कोविड अस्पताल से जुड़ा है। जहां तीसरी मंजिल पर एक तालाबंद कमरे में कोविड सैंपल के दर्जनों डिब्बे रखे थे। दैनिक जागरण ने मामले से जुड़े साक्ष्य इकट्ठा किए तो आला अधिकारियों तक बात पहुंची। दिन में अस्पताल प्रशासन से जुड़ी अधिकारी चाबी न होने की बात कहते रहे। रात में अधिकारियों को बताया कि ताला तोड़कर सैंपल चेक किए तो 76 डिब्बे खाली मिले। हालांकि अधिकारियों की इस बात पर स्वास्थ्य विभाग के ही दूसरे अधिकारी यकीन नहीं कर रहे।

ग्रामीण इलाकों के रखे थे सैंपल 

300 बेड कोविड अस्पताल के फ्लू कार्नर में सैंपल होते ही हैं, इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में लिए जाने वाले सैंपल भी पहले 300 बेड कोविड अस्पताल ही पहुंचते हैं। यहां से सैंपल इकट्ठा होने के बाद जिला अस्पताल स्थित कोविड लैब या जरूरत पड़ने पर किसी अन्य लैब में भेजे जाते हैं। 300 बेड कोविड अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एक तालाबंद कमरे में दर्जनों डिब्बे रखे थे। चूंकि डिब्बों में बाकायदा टेपिंग थी। सैंपल किस स्वास्थ्य केंद्र से आए हैं, इसकी जानकारी भी दर्ज थी। ऐसे में साफ है कि जो डिब्बे रखे थे, वो खाली नहीं थे। फिर एक बात और कि खाली डिब्बों के कमरे में कोई ताला क्यों लगाएगा।

ताला तोड़ने की हो चुकी थी कोशिश 

जागरण ने पड़ताल के दौरान यह भी देखा कि जिस कमरे में सैंपल रखे थे, उस पर लगा ताला तोड़ने की कोशिश कोई पहले ही कर चुका था। ताला तोड़ने के लिए किए प्रहार के निशान ताले पर साफ दिखाई दे रहे हैं। बताया जाता है कि बीती 17 नवंबर को जब 300 बेड कोविड अस्पताल में करीब 16 दिन पुराने सैंपल मिलने का मामला तूल पकड़ा था, इसके बाद तीसरी मंजिल पर भी सैंपल हटाने की कोशिश हुई थी। जब चाबी नहीं मिली तो एक स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर ही कमरे का ताला तोड़ने के लिए कुछ वार हुए।

एक कमरे में ताले में बंद कर छिपाए सैंपल

कागजों में रोज से तीन हजार सैंपल की जांच करने का दावा पेश करने वाला स्वास्थ्य महकमा अब चारों खाने चित नजर आ रहा है। सैंपल की जानकारी सार्वजनिक न हो इसलिए प्रबंधन के जिम्मेदारों ने कोरोना फ्लू कार्नर स्थित तीसरी मंजिल पर बने एक कोने वाले रूम में सैकड़ों सैंपल छिपा दिए। शुक्रवार को जब अनियमितता उजागर हुई तो पता चला कि यहां सैकड़ों सैंपल तीसरी मंजिल के एक कमरे में हैं। कोई बाहरी व्यक्ति या निरीक्षण करता अधिकारी यहां तक न पहुंच जाए, इसलिए कमरे पर ताला भी जड़ दिया गया।

गंदगी पर मिली लताड़ लेकिन एडी के सामने नहीं खुला खेल 

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एसके गर्ग औचक निरीक्षण के लिए 300 बेड कोविड अस्पताल पहुंचे। यहां अस्पताल में गंदगी मिलने पर इंचार्ज को कड़ी चेतावनी भी दी। हालांकि उनके सामने तीसरी मंजिल पर कमरे में लगा ताला और उसके पीछे हुए खेल का पता नहीं चल सका।

एक दूसरे को बताने लगे जिम्मेदार 

हाल ही में कोविड सैंपलिंग का चार्ज डिप्टी एसीएमओ डा. सीपी सिंह से लिया गया है ऐसा इसलिए भी कि हाल ही में कोविड सैंपल जांच के लिए न भेजने पर सीएमओ ने चार्ज हटाया था, इसके बाद डा. सतीश चंद्रा को सैंपलिंग प्रभारी बनाया गया है। लेकिन उनको यह प्रभार मिले अभी एक सप्ताह का समय बीता है। अब सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इस घोर अनियमितता के लिए कौन जिम्मेदार है। इस संबंध में डा. सतीश चंद्रा का कहना है कि यहां सैंपल रखे होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। प्रभार हाल ही में मिला है जिस कारण अभी बिल्डिंग में कौन सी चीज कहां है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

हफ्ते भर में खराब हो जाता है सैंपल

सर्विलांस टीम के अनुसार कोरोना सैंपल लेने के बाद बाक्स में अंडर आइसपैक के साथ सैंपल को पांच से छह दिन तक स्टोर किया जा सकता है। लेकिन इससे अधिक समय बीत जाने पर सैंपल खुद ही खराब हो जाते हैं।

300 बेड कोविड अस्पताल में जो सैंपल रखे थे, उनमें से कई के सैंपल गलत पंजीकरण वाले थे। इसके अलावा अधिकांश डिब्बे खाली मिले हैं। - डा. सीपी सिंह, तत्कालीन कोविड सैंपलिंग प्रभारी

300 बेड कोविड अस्पताल में शाम को कमरे का ताला तुड़वाकर सैंपल बाक्स निकलवाए थे। अधिकारियों के मुताबिक 76 डिब्बे खाली मिले थे। - डा.बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बरेली