कोविड संबंधी उपकरण बनाने के लिए बैंक से मिलेगी मदद, जानें कितना और कैसे मिलेगा लोन

UP Covid Emergency Financing Scheme कोरोना संक्रमण से निपटने लिए शासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति एलएमओ (लिक्विड मेडिकल आक्सीजन) आधारित मेडिकल आक्सीजन प्लांट आक्सीजन सिलेंडर रेगूलेटर वेंटिलेटर क्रायोजेनिक टैंकर अस्पताल के बिस्तर बनाने के लिए बैंकों से ऋण दिया जाएगा।

Samanvay PandeyWed, 16 Jun 2021 10:50 AM (IST)
कोविड इमरजेंसी वित्त पोषण योजना की जिले में शुरुआत, प्लांट व मशीनरी के लिए 25 फीसद वित्तीय सहायता देगी सरकार।

बरेली, जेएनएन। UP Covid Emergency Financing Scheme : कोरोना संक्रमण से निपटने लिए शासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत अगर कोई व्यक्ति एलएमओ (लिक्विड मेडिकल आक्सीजन) आधारित मेडिकल आक्सीजन प्लांट, आक्सीजन सिलेंडर, रेगूलेटर, वेंटिलेटर, क्रायोजेनिक टैंकर, अस्पताल के बिस्तर बनाने के लिए बैंकों से ऋण दिया जाएगा। इसके लिए सरकार अनुदान भी देगी।

उप्र कोविड इमरजेंसी वित्त पोषण योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना कोविड महामारी से निपटने के लिए शुरू की गई है। जो सिर्फ इसी वित्तीय वर्ष के लिए प्रभावी होगी। इसमें वर्तमान में चल रही इकाइयों की क्षमता बढ़ाने व नई इकाईयों को स्थापित करने का अवसर दिया गया है। प्लांट एवं मशीनरी के पूंजी निवेश की न्यूनतम सीमा 20 लाख रुपये होगी। पात्र इकाई को विभाग में संबंधित स्थापना नियम एवं संचालन की समस्त स्वीकृतियों, अनापत्ति, एमएसएमइ स्थापना एवं सरलीकरण नियम के अंतर्गत 72 घंटे में प्रदान की जाएगी।

इसके अंतर्गत पात्र इकाई को प्लांट एवं मशीनरी की स्थापना पर व्यय हुई धनराशि का 25 फीसद अधिकतम 10 करोड़ रुपये, जो भी कम हो, वित्तीय सहायता के रूप में प्रतिपूर्ति की जाएगी। उपायुक्त उद्योग ऋषिरंजन गोयल ने बताया कि यह योजना शासनादेश निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष तक प्रभाव में रहेगी, जिसे पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर लागू किया जाएगा। बताया कि योजना से संबंधित जानकारी के लिए आवेदक जिला उद्योग केंद्र आकर कौशल श्रीवास्तव व वीरेश कुमार शर्मा से संपर्क कर सकते हैं।

तीन गुना लेबर लगाकर 15 दिन में काम पूरा करने के निर्देश : जिले में चल रहे विकास कार्यों की बीते दिनों हुई बैठक में स्थिति ठीक नहीं पाई गई। इस पर मंगलवार को सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने पांच निर्माणाधीन कार्यों की कार्य प्रगति देखी। सभी कार्य अधूरे मिले, इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। निर्देश दिए कि तीन गुना लेबर लगाकर कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करें। शनिवार को विकास भवन में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कई कार्यों की गति ठीक नहीं पाई गई थी।इस पर मंगलवार को सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग अपने साथ डीएसटीओ संत पाल वर्मा के साथ निरीक्षण पर निकले।

उन्होंने शहर से सटे नेकपुर में निर्माणाधीन नवीन स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित आवासीय विद्यालय, नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित बालिका विद्यालय, मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय इंटर कालेज और तहसील आंवला में निर्माणाधीन 50 शैया युक्त एमसीएच विंग के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। इस दौरान उन्हें नेकपुर में निर्माणाधीन नवीन स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित आवासीय विद्यालय की प्रगति ठीक नहीं मिली।

इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को फटकार लगाई। निर्देश दिए कि शेष बचे कार्य को तेजी से कराएं, चाहे इसके लिए तीन गुनी लेबर लगानी पड़े। सीडीओ ने आवंला में निर्माणाधीन 50 शैया अस्पताल के कार्य को भी 15 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग वहां मौजूद डीएसटीओ से योजना की जानकारी लेते रहे।

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