बदायूं का ककोड़ा मेला : कच्ची सड़क बननी शुरू, सोमवार से मेले की तैयारियों में और आएगी तेजी

Badauns Kakoda Fair रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा की तैयारी अब जोर पकड़ने लगी है। सिरकी से कच्ची सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है। जिला पंचायत के इंजीनियरों की निगरानी में आसपास के गांवों के मजदूर लगाकर काम कराया जा रहा है।

Samanvay PandeyFri, 05 Nov 2021 07:48 PM (IST)
आयोजन स्थल पर प्राथमिकता से होगा भूमि समतल कराने का काम

बरेली, जेएनएन। Badauns Kakoda Fair :  रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा की तैयारी अब जोर पकड़ने लगी है। सिरकी से कच्ची सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है। जिला पंचायत के इंजीनियरों की निगरानी में आसपास के गांवों के मजदूर लगाकर काम कराया जा रहा है। अब जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर भूमि को समतल कराने का काम शुरू कराया जाएगा। जिला पंचायत ने मेलेे में टेंट लगवाने के लिए आगरा के ठेकेदार को जिम्मेदारी दी है। अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक के टेंट लगवाए जाएंगे। चिह्नित स्थल पर खड़ी गन्ने की फसल भी कटवाई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि मुख्य स्नान पर्व से पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

दीपावाली के पर्व पर आम जनमानस में जिस तरह से उल्लास दिखाई दिया उससे मेले में भीड़ ज्यादा जुटने की उम्मीद दिखाई दे रही है। कोरोना के चलते गंगा तट पर पिछली बार मेला नहीं लगाया जा सका था। हर साल मेले में प्रवास करने वाले लोग खासा उत्साहित हैं। शासन से अनुमति मिलने के बाद भी जिला प्रशासन के स्तर से निर्णय लेने में विलंब हुआ है, लेकिन समय से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के लिए जिला पंचायत पर दबाव बनाया जा रहा है। कच्ची सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है। दीपावली और भैया दूज का त्योहार होने की वजह से अपेक्षा के अनुरूप मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं।

सोमवार से तैयारी तेज हाे जाएगी और भूमि समतल कराने का काम शुरू हो सकेगा। मेले में आगरा के टेंट व्यवसायी का ठेका दिया गया है। पिछले वर्षों में संस्था को टेंट लगाने का अच्छा अनुभव है। टेंट लगाने में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा, लेकिन उसके पहले जगह समतल कराना जरूरी है। झूला, चरखा के अलावा दुकानें लगाने के लिए भी जगह चिह्नित की जा चुकी है। भूमि समतल होने के बाद भी दुकानों का आवंटन शुरू किया जाएगा। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सत्यपाल सिंह पालीवाल का कहना है कि विभाग के अनुभवी अधिकारी, कर्मचारियों को तैयारी में लगाया गया है। स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है। मुख्य स्नान पर्व से पहले सभी तैयारी पूरी करा लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सड़क चौड़ी नहीं बनी तो लगेगा जामः ककोड़ा मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने पर जाम की स्थिति बनती रही है। इस समस्या से निपटने के लिए पिछली बार जब मेला लगा था जिला प्रशासन ने चौड़ी सड़कें बनवाने के साथ परिसर में भी सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई थी। मेला लगवाने का काम दो महीने पहले ही शुरू हो जाया करता था, लेकिन इस बार बाढ़ की वजह से समय पर काम शुरू नहीं हो सका है। 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व है। गिनती के दिन बचे हैं, उनमें भी भैया दूज के दिन मजदूर मिलने मुश्किल हैं। पथ प्रकाश, शौचालय निर्माण, स्नान घाट का निर्माण कराने में भी मशक्कत करनी पड़ेगी।

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