Arbitraryness of Bareillys Hospital : बरेली के निजी अस्पताल बिल जमा कराने के लिए जानिये कैसे-कैसे हथकंडे अपना रहे

विनायक अस्पताल पर संक्रमित स्वजन की मौत के बाद वसूली का दबाव बनाने का लगा आरोप।

Arbitraryness of Bareillys Hospital बरेली शहर के निजी कोविड अस्पतालों में संक्रमितों के परिवार से वसूली की शिकायत लगातार सामने आ रही हैं। स्टेशन रोड स्थित विनायक अस्पताल पर संक्रमित की मौत के बाद बिना लाखों रुपये बिल दिए शव न ले जाने देने का आरोप लगाया है।

Samanvay PandeySat, 15 May 2021 08:48 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। Arbitraryness of Bareillys Hospital : बरेली शहर के निजी कोविड अस्पतालों में संक्रमितों के परिवार से वसूली की शिकायत लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार को पीलीभीत निवासी एक परिवार ने स्टेशन रोड स्थित विनायक अस्पताल पर संक्रमित की मौत के बावजूद बिना लाखों रुपये बिल दिए शव न ले जाने देने का आरोप लगाया।वहीं, एक अन्य अस्पताल में ओवरबिलिंग की शिकायत मिली है। इसके अलावा मेधांश अस्पताल पर भी ज्यादा बिल वसूलने का आरोप स्वजन ने लगाया है।

पीलीभीत निवासी शख्स से मिली जानकारी के मुताबिक विनायक अस्पताल से शुक्रवार को हॉस्पिटल में उन्होंने दस दिन पहले अपना कोविड मरीज भर्ती कराया था। शुक्रवार को मौत के बाद अस्पताल ने करीब पौने पांच लाख रुपये का बिल बनाया। ज्यादा बिल होने की बात कही तो स्टाफ ने बिना बिल जमा किए शव देने से मना कर दिया। स्वजन ने किसी तरह रुपयों की व्यवस्था कर बिल जमा किया। उधर, एक मरीज का दो लाख का बिल बना दिया तो परिजन उसे डिस्चार्ज कराकर घर लेकर चले गए। उन्होंने भी कई आरोप प्रबंधन पर लगाए हैं।

छह लाख का बिल बना दिया : बदायूं रोड स्थित मेधांश अस्पताल में कोरोना संक्रमित की एक रेलवे कारखाना कर्मचारी की मौत हो गई। स्वजन के मुताबिक छह लाख रुपए का बिल अस्पताल ने बनाकर थमा दिया। स्वजन ने व्यथा सुनवाई लेकिन सुनवाई न होने पर रुपये जमा करा शव का अंतिम संस्कार कराया।

पांच घंटे तक रोहिलखंड मेडिकला कालेज में भर्ती नहीं हुए मरीज : रोहिलखंड मेडिकल कालेज में शुक्रवार को आक्सीजन की सप्लाई लाइन में फिर से कोई गड़बड़ी आ गई। इस बाबत अस्पताल ने जिला प्रशासन को मामले की जानकारी दी और लाइन को ठीक कराया। इस दौरान करीब पांच घंटे तक रोहिलखंड मेडिकल कालेज में मरीज भर्ती नहीं किये गए।सीएमओ डॉ.एसके गर्ग ने बताया कि मरीजों से ज्यादा बिल लिए जाने की शिकायत इंटरनेट मीडिया के जरिए मिली है। हालांकि व्यक्तिगत रूप से कोई शिकायत नहीं आई है। मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई होगी।

मृतक की बहन ने गलत बताए आरोप  : मृतक रमेश पांडेय की बहन बबली शर्मा का देर शाम इस संबंध में एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें वह कह रही हैं कि विनायक अस्पताल प्रशासन द्वारा पूरी मदद की गई। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी गई। एक आवाज पर स्टाफ खड़ा रहता था। जिसने शिकायत की है, वह दूर का रिश्तेदार है, जिसें किसी भी चीज की जानकारी नहीं थी। झूठी शिकायत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं अस्पताल मैनेजर प्रदीप मिश्रा ने बताया कि किसी प्रकार की कोई बात ही नहीं थी। पीलीभीत के रहने वाले मृतक के रिश्तेदार ने ट्विटर पर गलत शिकायत की है, आरोप पूरी तरह गलत हैं।

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