बरेली में छात्रा की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम

छात्रा के सिर पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतारा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। हालांकि दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। सिर के अलावा पूरे शरीर में कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इधर पोस्टमार्टम के बाद जब शाही में छात्रा का शव पहुंचा तो ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। घंटों सड़क जाम रही। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। उसके बाद एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल समेत कई थानों की फोर्स पहुंची। काफी मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण माने। तब जाकर छात्रा का अंतिम संस्कार हुआ।

JagranMon, 14 Jun 2021 04:32 AM (IST)
बरेली में छात्रा की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम

जेएनएन, बरेली : छात्रा के सिर पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतारा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। सिर के अलावा पूरे शरीर में कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इधर, पोस्टमार्टम के बाद जब शाही में छात्रा का शव पहुंचा तो ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। घंटों सड़क जाम रही। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। उसके बाद एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल समेत कई थानों की फोर्स पहुंची। काफी मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण माने। तब जाकर छात्रा का अंतिम संस्कार हुआ।

शाही के एक गांव की रहने वाली कक्षा छह की छात्रा शनिवार सुबह साइकिल से घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं पहुंची। शाम को उसका शव गांव से आठ सौ मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। शव मिलने पर ग्रामीणों ने दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या के आरोप लगाए। रविवार को छात्रा के नाना की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। नाराज ग्रामीणों को समझाते हुए एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि घटना का जल्द ही राजफाश होगा। अहम सुराग हाथ लगे हैं। राजफाश के लिए क्राइम ब्रांच की टीम भी लगाई गई है। 15 दिन से बगैर थाना प्रभारी के चल रहा है थाना

शाही थाना बीते 15 दिन से बगैर थाना प्रभारी के ही चल रहा है। तत्कालीन थाना प्रभारी अश्वनी कुमार को भुता थाना प्रभारी बना दिया गया था। इसे बाद से जिम्मेदारी एसओ जसवीर सिंह के कंधों पर है। हल्का दारोगा पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

मृत छात्रा के स्वजनों व ग्रामीणों का गुस्सा हल्का दारोगा पर फूटा। एसपी देहात जब पहुंचे तो लोगों ने दारोगा की शिकायत करते हुए कहा कि उसने किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। चर्चा है कि दारोगा की कारगुजारी के चलते ही माहौल बिगड़ा और लोगों का पुलिस पर गुस्सा फूट पड़ा। इसी के बाद ग्रामीण जाम को विवश हुए। सड़क दुर्घटना में हुई थी छात्रा के पिता की मौत

छात्रा के पिता की मौत करीब 13 वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में हुई थी। पिता के मौत के बाद बेटा जब समझदार हुआ तो बहन की पढ़ाई के लिए कम उम्र में ही कमाने के लिए हरियाणा निकल गया। स्वजन ने बताया कि छात्रा पढ़ने लिखने में होशियार थी। खेती के काम में छात्रा काफी दिलचस्पी रखती थी। प्रकरण में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द राजफाश के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया है। जल्द ही घटना का राजफाश होगा।

- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात

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