Agriculture Law : बरेली के किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किया स्वागत

Agriculture Law : बरेली के किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किया स्वागत

Agriculture Law दिल्ली बार्डर पर भले ही तीन कृषि कानूनों का विरोध हो रहा था। बरेली के किसान अपने खेत के कामकाज में व्यस्त रहे। अब सुप्रीम कोर्ट से इन कानूनों के अमल पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसपर बरेली के किसानों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है।

Publish Date:Wed, 13 Jan 2021 06:57 AM (IST) Author: Ravi Mishra

 बरेली, जेएनएन। Agriculture Law : दिल्ली बार्डर पर भले ही तीन कृषि कानूनों का विरोध हो रहा था। बरेली के किसान अपने खेत के कामकाज में व्यस्त रहे। अब सुप्रीम कोर्ट से इन कानूनों के अमल पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसपर बरेली के किसानों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। वह कहते हैं कि कानून को रद्द नहीं करके कोर्ट ने अच्छा किया।

तीन कृषि कानूनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला दिया है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने तीनों कृषि कानूनों के अमल पर अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इन कानूनों को रद्द नहीं किया है। सरकार और किसान संगठनों के बीच सुलह के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

क्या कहते हैं किसान 

कृषि बिल किसानों के हित में लाया गया था। इसमें कुछ सुधार की गुंजाइश थी। इसलिए आज का उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है । सभी किसानों को यह फैसला मानना चाहिए।- चौधरी जयदीप सिंह, किसान बहेड़ी

उच्चतम न्यायालय का आज का निर्णय काफी अहम है। उम्मीद है कि अब किसानों के हित में और भी अच्छा निर्णय सामने आयेगा। - चौधरी संदीप सिंह, किसान बहेड़ी

 कृषि बिल पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते है। किसानों व सरकार के बीच के गतिरोध का अब जल्द समाधान निकलेगा ऐसी उम्मीद बन गयी है। सुप्रीम कोर्ट निश्चित ही किसान हित में ही निर्णय लेगा। - चौधरी गजेंद्र सिंह, गांव दोपहरिया बहेड़ी

कई महीनों से चल रहे किसान-सरकार गतिरोध को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आज का निर्णय सर्वमान्य होना चाहिए। उसकी निगरानी में कमेटी सही फैसला लेगी ऐसी पूरी उम्मीद है। - राजीव सिंह, गांव भूला नवीपुर बहेड़ी

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.