20 साल पुराने यात्री कोच गुड्स कोच में होने लगे तब्दील, राजस्व बढ़ाने पर जोर

वहीं माल को सेफ्टी से पहुंचाने और ट्रांसपोर्ट सुविधा को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर मंडल माल लदान को दोगुना करने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। जिसमें मंडल को काफी सफलता भी मिली है। वहीं माल को सेफ्टी से पहुंचाने और ट्रांसपोर्ट सुविधा को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 03:50 PM (IST) Author: Sant Shukla

 बरेली, जेएनएन। पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर मंडल माल लदान को दोगुना करने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। जिसमें मंडल को काफी सफलता भी मिली है। वहीं माल को सेफ्टी से पहुंचाने और ट्रांसपोर्ट सुविधा को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए रेल बोर्ड द्वारा 20 साल पुराने कोचों को न्यू मॉडीफाइड गुड्स कोच (एनएमजी) बनाने के बीते दिनों दिए गए आदेश का पालन शुरू हो चुका है। इस कोच को तैयार करने के लिए सबसे पहले कोच की जांच की जाती है। जिसमें ट्रांसपोर्ट कार्य के लिए उपयोगी होने पर तकनीकि बदलाव किए जाते हैं। कोच के अंदर की सभी सीटें, खिड़की, दरवाजे बंद कर पीछे की ओर बड़ा गेट तैयार किया जाता है। जिससे कि कार, ट्रैक्टर, समेत अन्य चीजों को सीधे अंदर चढ़ाया जा सके। इज्जत नगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिहं का कहना है कि पुराने यात्री कोचों को एनएमजी में बदलने का कार्य कारखाना में किया जा रहा है। यह कोच ट्रांसपोर्टेशन में काफी सहायक है। 

पश्चिम बंगाल भेजी चीनी की मिनी रेक

 बरेली : इज्जतनगर मंडल माल लदान को 2024 से पहले ही दोगुना करने के लिए प्रयासरत है। डीआरएम आशुतोष पंत के निर्देशन में मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत शुक्रवार को मंडल के भोपतपुर रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित गुड्स साइडिंग से पहली बार 21 बीसीएन का एक मिनी रेक चीनी का लदान कर रंगापानी (पश्चिम बंगाल) के लिए भेजा गया। जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस लदान से मंडल को 22 लाख 50 हजार 735 रुपये का राजस्व मिला है।

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