कुपोषित 61 हजार बच्चों को सुपोषित करेंगे सात विभाग

कुपोषित 61 हजार बच्चों को सुपोषित करेंगे सात विभाग

बाल विकास पुष्टाहार ने तैयार किया मास्टर प्लान

Publish Date:Thu, 03 Sep 2020 12:32 AM (IST) Author: Jagran

बाराबंकी : कुपोषित और अतिकुपोषित 61 हजार नौनिहालों को सात विभाग मिलकर सुपोषित बनाएंगे। बाल विकास विभाग ने इसका मास्टर प्लान तैयार किया है। इसमें स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, उद्यान, पूर्ति, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास राष्ट्रीय आजीविका मिशन विभाग अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर कुपोषण पर प्रहार करेंगे।

बनेंगी पोषण वाटिकाएं : हरी सब्जियां कम खाने से शरीर में बीटा कैरोटीन, फोलेट, कैल्शियम, राइबोफ्लोविन, आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी से बीमारियां पनपती हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह अभियान में विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र पर जहां बाउंड्रीवाल है, वहां पर पोषण वाटिका स्थापित किए जाएंगे। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 3016 विद्यालयों में से 415 विद्यालयों पोषण वाटिका पिछले वर्ष बन चुकी है। इस बार सभी विद्यालयों में बनाया जाएगा। इसमें शिक्षा विभाग जमीन देगा, उद्यान बीज या फिर पौधे देगा। बाल विकास और राष्ट्रीय आजीविका मिशन वाटिका तैयार करेगा। वाटिका से तैयार सब्जी से एमडीएम बनेगा।

विभाग करेंगे यह सहयोग : केंद्र व स्कूलों में वाटिका लगाए जाने का पारिश्रमिक मनरेगा से दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों और एनीमिक महिलाओं की जांच कर उन्हें दवाएं देगा। ज्यादा गंभीर वाले बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। पूर्ति विभाग कुपोषित बच्चों के परिवार में यदि राशन कार्ड नहीं हैं तो बनवा कर देंगे। पंचायती राज बीज या पौधे में खर्च पैसा ग्राम निधि से देंगे। ,

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पोषण अभियान में यह मिलेगा लाभ

-पोषाहार वितरण कराना

-बच्चों और गर्भवतियों का वजन कराना

-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी गृह भ्रमण

-चिकित्सकीय सुविधा दिलाना

-स्वास्थ्य मेला में लाभार्थियों का परीक्षण

-सुपोषण दिवस

-सुपोषण स्वास्थ्य मेला

-किशोरी दिवस

-ममता दिवस

-लाडली दिवस

-बचपन दिवस

-अन्नप्राशन कराना

-गर्भवतियों की गोदभराई

-आयरन की गोली का वितरण

-संबंधित बीमारी की दवाएं वितरित करना फैक्ट फाइल

आंगनबाड़ी केंद्र-3052

0 से 3 वर्ष तक बच्चे - एक लाख 83 हजार

3 से 6 वर्ष तक बच्चे - 73609

केंद्रों पर कुल पंजीकृत बच्चे- 309000

अति कुपोषित बच्चे -9793

कुपोषित बच्चे - 50558

गर्भवती महिलाएं-7680

अति गंभीर (सैम) बच्चे-179

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