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यूरिया के साथ किसानों को थमा दी नौ साल पुरानी जिक

यूरिया के साथ किसानों को थमा दी नौ साल पुरानी जिक
Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 11:05 PM (IST) Author: Jagran

बाराबंकी : धान की फसल के लिए इस समय यूरिया खाद की जबरदस्त जरूरत है। ऐसे में साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की जैसे ही पहुंच रही है वैसे ही बिक जा रही है। किसानों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन, किसानों की जरूरत का फायदा उठाकर समितियों पर उनका शोषण किया जा रहा है।

सिरौलीगौसपुर तहसील की साधन सहकारी समिति सैदपुर में बुधवार को नौ साल पुरानी जिक भी यूरिया खाद के साथ बेची गई। यूरिया का मूल्य 266 रुपये 50 पैसा बोरी है लेकिन पुरानी जिक लगाकर 350 रुपये वसूले गए। इसकी शिकायत पर एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रतिपाल सिंह व जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। कृषि अधिकारी ने बताया कि बरदरी समिति के सचिव के पास सैदनपुर का अतिरिक्त चार्ज है। सचिव सैदनपुर में थे। सैदनपुर समिति पर एकाउंटेंट शंभू प्रसाद ने वर्ष 2011 की पुरानी जिक भी किसानों को बेच दी। यूरिया व जिक का 350 रुपये प्रति बोरी वसूला। कृषि अधिकारी ने बताया कि समिति का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त कर जांच सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सिरौलीगौसपुर को सौंपी गई है। इनसेट- समिति पर खाद खरीदने को उमड़ी भीड़

विशुनपुर : ब्लॉक फतेहपुर की साधन सहकारी समिति रजौली में मंगलवार को एक ट्रक यूरिया खाद आते ही उसे खरीदने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ में कोरोना संक्रमण के ²ष्टिगत उचित शारीरिक दूरी का ख्याल भी किसी को नहीं रहा। मवैया के किसान दिनेश ने बताया कि उन्हें तीन बोरी यूरिया की जरूरत है। निजी दुकानों पर 350 रुपये की बोरी मिल रही है। इसलिए समिति पर आए हैं। हरिदयाल ने कहा कि भीड़ देखकर नहीं लग रहा कि एक भी बोरी मिल पाएगी। दरियाबाद में इफको केंद्र पर खाद को लेकर किसानों की भीड़ रही। शारीरिक दूरी का पालन नहीं दिखा। किसान सीताराम ने बताया कि तीन बोरी की जरूरत है, लेकिन आधार कार्ड दिखाकर सिर्फ एक बोरी ही यूरिया मिल पाई है।

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