अस्पतालों में हो रहा सांसों का सौदा, आक्सीजन की हो रही कालाबाजारी

मरीजों को खुद करनी पड़ रही आक्सीजन की व्यवस्था

JagranPublish:Fri, 07 May 2021 12:10 AM (IST) Updated:Fri, 07 May 2021 12:10 AM (IST)
अस्पतालों में हो रहा सांसों का सौदा, आक्सीजन की हो रही कालाबाजारी
अस्पतालों में हो रहा सांसों का सौदा, आक्सीजन की हो रही कालाबाजारी

वी. राजा, बाराबंकी

जिले के कोविड अस्पतालों में सांसों का सौदा हो रहा है। मरीजों से ही कहा जाता है कि ऑक्सीजन की व्यवस्था करो। मरीजों को बाहर आक्सीजन नहीं मिल रही है। संक्रमितों को सांस लेने में तकलीफ की समस्या अधिक रहती है। ऐसे में इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। आक्सीजन सिलिडर के लिए मनमाना मूल्य वसूला जा रहा है। जिले में मेयो, हिद को जहां कोविड अस्पताल बनाया गया है। इसके अलावा आस्था व शेरवुड को कोविड मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित किया गया है। इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को आक्सीजन सिलिडर पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। आस्था में तो कई ऐसे मरीज भर्ती हैं जिन्हें बड़ी मुश्किल से ं आक्सीजन मिल पाई है, वह भी महंगे दामों पर आक्सीजन सिलिडर उपलब्ध कराया गया है।

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होम आइसोलेट को नहीं नसीब होते आक्सीजन सिलिडर : कोरोना से पीड़ित जो मरीज होम आइसोलेट हैं। उन्हें जरूरत पर आक्सीजन नहीं मिल पा रही। आपदा की इस घड़ी में इस धंधे से जुड़े कई लोग कमाई का अवसर तलाश रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कोरोना काल में किल्लत के बावजूद 35-40 हजार में मिलने वाली आक्सीजन किट के लिए एक लाख 10 हजार रुपये की कीमत चुकानी पड़ी।

चुकानी पड़ रही हैं महंगी कीमत: शहर के भीतरी पीर बटावन निवासी प्रदीप का कहना है के शहर के सतरिख नाका के निकट एक आक्सीजन सिलिडर की दुकान संचालक सिर्फ आक्सीजन सिलिडर दिया उसके लिए सिक्योरिटी के लिए 25 हजार जमा करवाए। बाद में उसमे आक्सीजन भरवाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। छह सौ रुपये की बजाय दो हजार से अधिक रुपये लिए गए। घंटाघर के निकट रहने वाले एक व्यापारी ने नाम न छापने शर्त पर बताया कि सतरिख नाका से महंगे दाम पर सिलिडर तो मिल गया लेकिन बाद में जब अस्पताल पहुंचे तो वहां पर पता चला कि खाली आक्सीजन सिलिडर दिया है उसमे आक्सीजन नही है।

इनसेट: आक्सीजन सिलिडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन शिकंजा कस रहा है। कई लोगों के यहां से आक्सीजन सिलिडर भी जब्त कराए गए हैं।

डा. बीकेएस चौहान, सीएमओ, बाराबंकी।