पंचायत चुनाव :: उच्च शिक्षा की सुविधा न बस स्टैंड, सड़कें बदहाल

पंचायत चुनाव :: उच्च शिक्षा की सुविधा न बस स्टैंड, सड़कें बदहाल

राजधानी लखनऊ के सीमावर्ती विकासखंड निदूरा में चराग तले अंधेरा वाली कहावत सटीक बैठती है।

JagranFri, 05 Mar 2021 12:49 AM (IST)

बाराबंकी:

राजधानी लखनऊ के सीमावर्ती विकासखंड निदूरा में चराग तले अंधेरा वाली कहावत सटीक बैठ रही है। 88 ग्राम पंचायतों वाली ब्लाक की करीब दो लाख से अधिक आबादी है। चुनाव-दर-चुनाव प्रत्याशी आए और वादे किए गए, पर तस्वीर जस की तस ही रह गई। यहां उच्च शिक्षा के इंतजाम न होने से छात्र-छात्राओं को राजधानी और सीतापुर के शिक्षण संस्थानों पर निर्भर रहना होता है। माध्यमिक स्तर की भी शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दस से बीस किलोमीटर तक दूरी तय करनी पड़ती है। स्वच्छता अभियानों पर करोड़ों खर्चे जाने के बाद भी लोगों के शौचालय निष्प्रयोज्य हैं, उसमें उपले भरे पड़े हैं। विकास में मुख्य भूमिका निभाने वाली सड़कों की हालत भी बदतर है। बस स्टैंड भी नहीं है। यह सब समस्याएं इस बार फिर चुनावी मुद्दा बनेंगीं। हालांकि, उज्जवला, शौचालय और पीएम आवास जैसी योजनाओं से काफी संख्या में लोग लाभान्वित भी हुए हैं। प्रस्तुत है निदूरा से अजीत मौर्य की रिपोर्ट ... --------------------------------

बस स्टैंड की मांग : राजधानी लखनऊ व जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले कस्बा कुर्सी में बस स्टैंड न होने पर लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग जिला मुख्यालय व राजधानी के लिए आवागमन करते हैं। बस स्टैंड न होने के चलते लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है और डग्गमार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।

गंभीर रोगी किए जाते हैं रेफर :

क्षेत्र में सिर्फ एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर में है। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के अलावा गंभीर मरीजों के लिए कोई भी सुविधा मौजूद नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को जिला व मुख्यालय को ले जाना पड़ता है। इसी के चलते अक्सर गंभीर मरीज रास्ते में दम तोड़ देते हैं। शुद्ध पेयजल : क्षेत्र के ज्यादातर ग्राम पंचायतों का पानी पीने योग्य नहीं है। ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल के लिए तीन ओवरहेड टैंक मौजूद है, लेकिन यह ओवरहेड टैंक बंद पड़े हुए हैं। वहीं गांव में लगे हैंडपंप भी खराब पड़े हुए हैं।

धुंधली है स्वच्छता की तस्वीर :

विकास खंड की ग्राम पंचायतों में कहने को तो सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। लेकिन, अधिकतर पंचायतों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं । गंदगी से भरी नालियों के चलते रास्तों में गंदा पानी बह रहा है। फैक्ट फाइल ग्राम पंचायत - 88

जनसंख्या- 227216

उज्जवला कनेक्शन-15000

शौचालय- 38970

पीएम आवास- 1327

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.