कोरोना संक्रमितों को नहीं मिल पा रहीं दवाएं

कोरोना संक्रमितों को नहीं मिल पा रहीं दवाएं

होम आइसोलेशन की गाइड को लेकर स्वास्थ्य विभाग और संक्रमित दोनों गंभीर नहीं

Publish Date:Mon, 31 Aug 2020 11:16 PM (IST) Author: Jagran

बाराबंकी : कोरोना संक्रमित पाए जाने पर होम आइसोलेशन को लेकर जारी निर्देशों का स्वास्थ्य विभाग की टीम और संक्रमित दोनों ही पालन नहीं कर रहे हैं। दवाएं देना तो दूर कई स्थानों पर स्वास्थ्य टीम नियमित मॉनीटरिग भी नहीं कर रही है। कई स्थानों पर लोगों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि होम आइसोलेट व्यक्ति खुले में घूम रहे हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। यह तस्वीर सोमवार को जागरण टीम के ऑन द स्पॉट में सामने आई प्रस्तुत है रिपोर्ट..

---------------

पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं मिली दवा

बाराबंकी नगर के सत्यप्रेमीनगर के अजय श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार के पांच सदस्य संक्रमित हैं। स्वास्थ्य टीम ने घर दवा पहुंचाने की बात कही थी, पर नहीं पहुंची। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद फोन तो आया पर दवा नहीं पहुंची। पड़ोसी से दवा मंगाई। दरियाबाद के रानेपुर की राधिकी 24 अगस्त को संक्रमित पाए जाने के बाद से होम आइसोलेट हैं। बताया, दवाइयां कल खत्म हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग से कोई फोन स्वास्थ्य का हाल जानने को लेकर नहीं आया है। त्रिवेदीगंज के कान्हीपुर के प्रदीप कुमार वाजपेई 27 जुलाई को संक्रमित पाए गए थे। स्वास्थ्य टीम ने कोई दवा नहीं दी थी। परिवार से अलग एक कमरे में रहने को कहा और बुखार या सांस फूलने पर फोन करने को कहा था। 1076 से करीब आधा दर्जन बार फोन आया परंतु कोई दवा या अन्य सहयोग नहीं मिला। सूरतगंज कस्बे के वीरेंद्र तिवारी को 15 अगस्त को रेंडम किट की जांच में संक्रमित पाए जाने पर एंबुलेंस से चंद्रा हॉस्पिटल भेज दिया गया। तकलीफ होने पर 18 अगस्त को वापस आकर रिक्षला में होम आइसोलेट हो गए। स्वास्थ्य विभाग के ओर से कोई दवा या निर्देश नहीं दिए गए। हैदरगढ़ के ठाकुरद्वारा वार्ड के पीयूष मिश्र बताते हैं कि संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोई दवा नहीं दी। बड्डूपुर के सुनील बताते हैं कि उनकी आठ वर्षीय पुत्री महक को संक्रमित पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहर से किट खरीदने के लिए लिख दी थी, जोकि 4500 रुपये की मिली।

काढ़ा और दवाओं से लड़ रहे जंग

निदूरा क्षेत्र के काजीबेहटा के दशरथ दीक्षित ने बताया कि संक्रमित मिलने के बाद चिकित्सक ने बाहर से पल्स मीटर, थर्मामीटर, 95 व तीन लेयर माक्स, सैनिटाइजर बाहर से मंगवाया गया और पैरासीटामोल, एजीथ्रोमाइसीन, डॉक्सीसाइक्लीन, विटामिन सी व जिक टेबलेट आदि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दी। हेल्पलाइन नंबर से मॉनीटरिग की जा रही है। विशुनपुर : देवा ब्लॉक के ग्राम सिसवारा के अरुण मिश्र व उनके चार वर्षीय पुत्र अंश की 26 अगस्त को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दोनों अलग-अलग कमरे में होम आइसोलेट है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई दवाओं और गिलोय, तुलसी, अदरक के काढ़ा का भी सेवन करते हैं। बनीकोडर के मेडुवा के राजेश सिंह का पुत्र अनमोल संक्रमित पाया गया था। स्वास्थ्य टीम की ओर से दवा दी गई है, जिसे चार-चार दिन खाना है। भिटरिया के ज्ञानेंद्र पाल ने बताया कि दो बहनों के संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य टीम की ओर से दवा गई है। हैदरगढ़ क्षेत्र के बहादुरपुर के मोनू मिश्रा बताते हैं कि 24 अगस्त को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तीन दिन के लिए होम आइसोलेट के बाद हालत बिगड़ने पर हिद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताते हैं कि सीएचसी से तो स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिली पर कोविड अस्पताल में मिल रही हैं।

यह है गाइड लाइन

नोडल अधिकारी डॉ. केएनएम त्रिपाठी का कहना है कि अलग कमरे, शौचालय, बर्तन, तौलिया, का प्रयोग करें। व्यक्तिगत वस्तुएं किसी से साझा न करें। हर समय त्रिस्तरीय मास्क पहनें। हाथों को बार-बार साबुन से 40 सेकेंड तक धोएं। स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी कर जानकारी दर्ज करवाएं। मरीज के संपर्क में आए सभी सामान एवं कमरे की फर्श को एक फीसद सोडियम हाइपोक्लोराइट के घोल से नियमित रूप से विसंक्रमित करना है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का प्रयोग करें। ग्लब्स पहनकर ही कोई वस्तु छुएं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.