स्कूलों में सिर्फ 41 प्रतिशत बच्चों का सत्यापित हुआ डाटा

जागरण संवाददाता बांदा परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को जूता-मोजा ड्रेस स्वे

JagranPublish:Mon, 29 Nov 2021 04:23 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 04:23 PM (IST)
स्कूलों में सिर्फ 41 प्रतिशत बच्चों का सत्यापित हुआ डाटा
स्कूलों में सिर्फ 41 प्रतिशत बच्चों का सत्यापित हुआ डाटा

जागरण संवाददाता, बांदा : परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को जूता-मोजा, ड्रेस, स्वेटर, बैग आदि की राशि का इंतजार है। जबकि सर्दी का कहर शुरू हो चुका है। शासन की सख्ती के बावजूद 59 फीसद छात्र-छात्राओं का डाटा सत्यापित कर शासन को नहीं भेजा गया। सूबे जनपद में की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां महज 41 प्रतिशत बच्चों की डीबीटी हुई है। शासन ने खराब प्रगति वाले छह जिलों को नामित किया है। इनमें बांदा सबसे निचले पायदान पर है।

परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को जूता-मोजा, ड्रेस, स्वेटर आदि उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में धनराशि भेजी जानी है। अभी तक बच्चों को ये सब प्रबंध समिति के जरिए दिया जाता था। इसमें भ्रष्टाचार के अलावा इन सामानों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलती थीं। शासन ने 26 अक्टूबर तक सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को डीबीटी से संबंधित छात्र-छात्राओं का विद्यालय स्तर से डाटा अग्रसारित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जनपद में अभी तक 41 प्रतिशत बच्चों का डाटा ही अग्रसारित किया गया है। इससे निर्धारित प्रक्रिया के तहत डाटा वेरीफाई करते हुए पात्र लाभार्थी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजने में विलंब हो रहा है। शिक्षा निदेशक डा.सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि डीबीटी से संबंधित कार्य तत्काल पूरा कराएं। प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी व जनपद स्तर पर डाटा का अविलंब सत्यापन कराते हुए धनराशि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी कराएं। यदि अब किसी भी स्तर पर शिथिलता हुई अथवा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों का उत्तर दायित्व निर्धारित कर दिया जाएगा।

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इनसेट-

प्रति छात्र मिलेंगे 1100 रुपये

बांदा: शासन स्तर पर प्रति छात्र 1100-1100 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के जरिए अभिभावकों के खातों में भेजा जाना है। ताकि अभिभावक छह सौ रुपये में बच्चे को दो जोड़ी यूनिफार्म मुहैया करा सकें। प्रति जोड़ी 300 रुपये की दर से 600 रुपये होता है। एक स्वेटर के लिए 200 रुपये, एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजे के लिए 125 रुपये और एक स्कूल बैग के लिए 175 रुपये शामिल हैं।

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-डीबीटी के लिए डाटा सत्यापन में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। सप्ताह भर के अंदर शत-प्रतिशत बच्चों का डाटा सत्यापित कर शासन को अग्रसारित कर दिया जाएगा।

-रामपाल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा