स्वावलंबी बनाने वाले समूहों के गठन में हमीरपुर आगे

जागरण संवाददाता बांदा एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) द्वारा गरीब महिलाओं को स

JagranFri, 01 Oct 2021 04:50 PM (IST)
स्वावलंबी बनाने वाले समूहों के गठन में हमीरपुर आगे

जागरण संवाददाता, बांदा: एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) द्वारा गरीब महिलाओं को समूहों के माध्यम से स्वरोजगार के जरिए स्वावलंबी बनाने का काम किया जा रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में अब तक 20 हजार से अधिक समूह बन चुके हैं। इनमें गांव की सैकड़ों महिलाएं जुड़ी हैं। मंडल में अभी तक सबसे ज्यादा हमीरपुर में समूह बने हैं। महोबा चौथे स्थान पर है।

गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार ने करीब एक दशक पहले राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरुआत की थी। मौजूदा समय मंडल में 20263 समूह बन चुके हैं। विभाग का दावा है कि नए समूहों के गठन का काम चल रहा है। हर साल शासन से जारी लक्ष्य के सापेक्ष नए समूह बनाए जाते हैं। मंडल में जनपद वार समूहों की स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा हमीरपुर में साढ़े छह हजार से अधिक समूह बन चुके हैं। वहीं महोबा में इनकी संख्या ढाई हजार से भी कम है यह जिला चौथे स्थान पर है। बांदा दूसरे व चित्रकूट तीसरे नंबर पर हैं। सरकार की मदद से समूह की महिलाओं के लिए स्वरोजगार के विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिनमें मुख्य रूप से दुग्ध व्यवसाय, दलिया, सब्जी मसाला, आचार- मुरब्बा उत्पादन आदि शामिल हैं। इसके अलावा किराना दुकान व स्वरोजगार के अन्य कार्यों से भी समूह की महिलाएं आजीविका चला रही हैं।

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मनरेगा में मेठगिरी का संभाला जिम्मा

बांदा: समूह की महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार विभिन्न कार्यक्रम चला रही है। इस साल हर ग्राम पंचायत में महिला मेठ की नियुक्ति की गई है। विभागीय आकड़ों के मुताबिक अकेले बांदा की 469 ग्राम पंचायतों में दो- दो महिला मेठ नियुक्त हो गई हैं। विभाग का कहना है कि मनरेगा में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने को महिला मेठों की नियुक्ति हुई है।

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बिजली बिल वसूली की भी मिली जिम्मेदारी

बांदा: एनआरएलएम समूह की महिलाएं सरकार के विभिन्न विभागों से संचालित सेवाओं को लोगों तक पहुंचा कर बदले में मिलने वाले पारिश्रमिक से आय अर्जित कर रही हैं। बिजली बिल वसूली में काफी संख्या में समूह की महिलाएं काम कर रही हैं। इसी तरह बैंकों में सखी के रूप में सेवा देते हुए लोगों को घर बैठे बैंकिग सेवाओं का लाभ पहुंचाती हैं।

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जिले में 722 समूह गठन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 528 का गठन हो चुका है। सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से समूहों का गठन कर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध व स्वावलंबी बनाया जा रहा है।

वेद प्रकाश मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी बांदा

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मंडल में समूहों की संख्या

जनपद समूह

बांदा 6474

चित्रकूट 4592

हमीरपुर 6775

महोबा 2422

योग 20263

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