शिक्षा का उजाला फैला रही परिषद की पाठशाला

शिक्षा से वंचित 50 नौनिहालों को बांटा जा रहा ज्ञान निजी स्कूल में कराया दाखिला

JagranSun, 26 Sep 2021 09:55 PM (IST)
शिक्षा का उजाला फैला रही परिषद की पाठशाला

बलरामपुर: यूं तो नीति आयोग जिले के माथे से पिछड़ेपन का कलंक मिटाने को भरसक प्रयास कर रहा है। आकांक्षात्मक जनपद में शुमार बलरामपुर के पिछड़ेपन का मूल कारण अशिक्षा है। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी ड्रापआउट बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नीति आयोग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शिक्षा का उजियारा फैला जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर पचपेड़वा के विजयनगर में परिषद की पाठशाला चलती है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को रोजाना तीन घंटे निश्शुल्क शिक्षा दी जाती है।

परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयप्रकाश वर्मा करीब 50 बच्चों की कक्षा चलाते हैं। बच्चों को कापियां व किताबें भी मुफ्त में मुहैया कराया है। यही नहीं, बच्चों का शिक्षा से तारतम्य बनाए रखने के लिए विजयनगर के कांती देवी बैजनाथ विश्वकर्मा सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में दाखिला भी कराया है।

चार बच्चों से की थी शुरुआत:

पचपेड़वा व गैंसड़ी विकास खंड के अधिकांश गांवों के बच्चे आज भी शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं। यहां के नौनिहालों को धनाभाव व संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण तालीम नहीं मिल पा रही है। इन सबके बीच विजयनगर निवासी एबीवीपी के जयप्रकाश वर्मा ने शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए कुछ करने की ठानी। उन्होंने गांव में ऐसे बच्चों को चिह्नित करना शुरू किया, जो किन्हीं कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जयप्रकाश ने इन बच्चों के अभिभावकों को जागरूक कर पाठशाला चलाने की इच्छा जाहिर की। दो अगस्त को उसने चार बच्चों को पढ़ाना शुरू किया था। मुफ्त कापी, किताब व स्टेशनरी पाकर बच्चों का रुझान बढ़ने लगा। धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। देखते ही देखते डेढ़ माह में 50 बच्चों की पाठशाला तैयार हो गई।

सराहनीय है प्रयास:

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. रामचंद्र का कहना है कि जयप्रकाश का यह प्रयास सराहनीय व समाज के लिए नजीर है। हर किसी को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए विभागीय स्तर से हर संभव सहयोग किया जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.