छात्रों के हित में सड़क पर उतरे युवा

जागरण संवाददाता, बलिया : जेएनयू में की गयी भारी फीस वृद्धि के खिलाफ तथा वहां आंदोलनरत छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग को लेकर वामपंथी एवं प्रगतिशील जनसंगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। फिर राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय मांगपत्र डीएम के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन में जेएनयू में की गयी भारी फीस वृद्धि को तत्काल वापस करने, छात्र और छात्राओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा बीएचयू में धार्मिक आधार पर विरोध कर रहे संस्कृत प्रोफेसर डा. फिरोज खान को सुरक्षा देने की मांग की गई है। धार्मिक आधार पर शिक्षक का विरोध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए आवाज बुलंद की गई।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जानबूझकर देश के शैक्षणिक संस्थानों को तबाह कर सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण करना चाहती है। वक्ताओं ने कहा कि पूंजीपतियों का हजारों करोड़ रुपये कर्ज माफ हो सकता है तो शिक्षण संस्थाओं को अनुदान क्यों नहीं दिया जा सकता। वही बीएचयू जैसे शिक्षण संस्थान में संस्कृत के प्रोफेसर का इसलिए विरोध करना कि वह मुस्लिम धर्म से संबंधित है। यह उन्मादी राजनीति का हिस्सा है। इस मौके पर अवध नारायण सिंह, लक्ष्मण यादव, बलवंत यादव, भागवत बिंद, अरविंद गोंडवाना, जनार्दन सिंह, डा. बीबी श्रीवास्तव, अशोक कुमार पाण्डेय, रणजीत कुमार सिंह आदि थे।

इसी क्रम में जिला छात्र युवा फ्रंट की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। युवाओं ने मांग किया कि जेएनयू में फीस वृद्धि वापस करने, छात्रों पर लगाए गए फर्जी मुकदमों को खत्म करने, जेएनयू सहित देश के सभी विश्वविद्यालयों, कालेजों में बढ़ाते जा रहे फीस को कम करने सहित अन्य मांग है। इस मौके पर राजशेखर, दयाशंकर यादव, आकाश कुमार, आशुतोष गुप्त, अतहर, दानिश कमाल, मिथिलेश, गुल बहार अहमद, गुलाम वारिस, नंदलाल आदि थे।

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