प्रशासनिक अनदेखी से सुरक्षित नहीं स्कूल से घर का सफर

जागरण संवाददाता, किड़िहरापुर (बलिया) : भीमपुरा थाना क्षेत्र के किड़िहिरापुर गांव के समीप लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल की बस से साइकिल सवार छात्र की मौत से एक बार फिर लोग अपने बच्चों के स्कूल से घर तक के सफर को लेकर सहम से गए हैं। आए दिन स्कूली बस से हो रहे हादसे एवं स्कूल बस चालकों की लापरवाही से दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं ने अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर ¨चतित सा कर दिया है। स्कूल से घर तक के छात्रों के सफर की खतरनाक डगर एवं लापरवाहीपूर्ण वाहनों के सरपट दौड़ने को लेकर प्रशासनिक अमला भी लापरवाह सा बना हुआ है। मुख्य सड़क से सटे कांवेंट स्कूलों के आसपास कहीं भी बैरिके¨डग एवं कतार में छात्रों के निकलने की व्यवस्था तक की पहल नहीं की जा रही है। जिससे स्कूलों के छुट्टी होते ही सैकड़ों की संख्या में छात्र एक साथ सड़क पर पहुंच रहे हैं। बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं पैदल व साइकिल-बाइक से सरपट घर की तरफ भागते हैं। जबकि लगभग सभी स्कूलों के एक ही समय छुट्टी होने के कारण विभिन्न स्कूलों की बसें व स्कूल वाहन भी तेजी से सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। स्कूलों के पास जगह-जगह बैरियर न होने से छात्र अपने ही स्कूल के बसों से सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे है। जिसके बाद घर अपने बच्चे का इंतजार कर रहे अभिभावकों की सांसें टंग जा रही है।

खटारा वाहन व अनट्रेंड चालकों की भरमार, पुलिस भी रहती है मेहरबान छात्रों की पढ़ाई के साथ ही सुरक्षित घर से आने-जाने हेतु बस सेवा के बहाने मोटी रकम लेने वाले कांवेंट स्कूल संचालक अब सुरक्षित सफर को लेकर मानो पूरी तरह से बेपरवाह सा हो गए है। स्कूलों में खटारा वाहन व अनट्रेंड चालकों की भरमार से लगातार हादसों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। छोटे हादसों की तो कोई लिस्ट ही नहीं है। जबकि स्कूली बस से बड़े हादसों के बाद स्कूल प्रबंधन सबसे पहले पुलिसिया कार्रवाई से बचने को मोटी रकम के खेल के बूते कार्रवाई से बचने को हर जतन करने में माहिर सा हो गए हैं। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन भी मेहरबान हो गई है।

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