बाढ़ राहत सामग्री कांड को रफा-दफा करने में जुटी पुलिस

बाढ़ राहत सामग्री कांड को रफा-दफा करने में जुटी पुलिस

रेवती थाना क्षेत्र के सुरेमनपुर दियरांचल के गोपाल नगर गांव में विधायक सुरेंद्र ¨सह व उनके समर्थकों द्वारा पिकअप पर लदा बाढ़ राहत सामग्री पकडकर प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के मामले में पुलिस सभी आरोपियों को क्लीन चीट देने की तैयारी में है। गौरतलब हैं कि विगत 13 सितंबर की भोर में एक पिकअप पर लादकर लगभग 3600 पैकेटों को खोलकर राहत सामग्रियों को बोरे में भरकर गोपाल नगर गांव से काले बाजार में भेजने के लिए रानीगंज बाजार लाया जा रहा था।

Publish Date:Wed, 21 Nov 2018 09:25 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया): रेवती थाना क्षेत्र के सुरेमनपुर दियरांचल के गोपाल नगर गांव में विधायक सुरेंद्र ¨सह व उनके समर्थकों द्वारा पिकअप पर लदा बाढ़ राहत सामग्री पकड़कर प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के मामले में पुलिस सभी आरोपियों को क्लीनचिट देने की तैयारी में है।

गौरतलब हैं कि विगत 13 सितंबर की भोर में एक पिकअप पर लादकर लगभग 36 सौ पैकेटों को खोलकर राहत सामग्रियों को बोरे में भरकर गोपाल नगर गांव से काले बाजार में भेजने के लिए रानीगंज बाजार लाया जा रहा था। तभी भाजपा समर्थकों ने इसकी सूचना विधायक सुरेंद्र ¨सह को दी। विधायक ने भोर में ही मौके पर पहुंचकर अपने समर्थकों के साथ उक्त पिकअप को पकड़ लिया था। उस प्रकरण में गाड़ी चालक, कोटेदार, ग्राम प्रधान व लेखपाल सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। लेखपाल को उपजिलाधिकारी ने निलंबित कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। उस समय तत्कालीन तहसीलदार गुलाब चंद्रा ने जागरण को बताया था कि बाढ़ राहत सामग्री बेचना अक्षम्य अपराध है, जिसमें कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की थी कि जांच में बाढ़ राहत सामग्री कम पाई गई है।

पुलिस नहीं मान रही स्टाक में कमी

इस मामले को करीब से देखने वाले जानकार बताते हैं कि पकड़ी गई बाढ़ राहत सामग्री को पुलिस बाढ़ राहत सामग्री नहीं मान रही है। पुलिस की जांच में बाढ़ राहत सामग्री के स्टाक में कोई कमी नहीं पाई गई है। संबंधित थाने की जांच पर नजर रख रहे लोगों का मानना है कि पुलिस घालमेल करने वाले लोगों को बचाने में जुटी है। सत्ताधारी दल का विधायक स्वयं अपने हाथों से पकड़कर माल वाहन व ड्राइवर को पुलिस को सौंपता है। मौके पर अधिकारियों को बुलाता है और उस समय सभी स्वीकार करते हैं कि यह गलत कार्य नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद भी पुलिस दोषियों को बचाने में जुट जाए तो फिर आमलोगों का कानून पर से भरोसा उठना लाजिमी है। इस बात की जानकारी संबंधित गांव के लोगों को हुई तो वे लोग इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस द्वारा इसमें नामजद दो लोगों के अलावा अन्य किसी को हिरासत में नहीं लिए जाने के बाद से ही पुलिस की कार्यशैली पर चर्चा तेज हो चली है। -----वर्जन------

इस मामले में काई घालमेल नहीं कर सकेगा। जो भी दोषी हैं उनपर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ राहत सामग्री को बेचने के मामले में जो तथ्य शुरूआत में सामने आए थे, उसी आधार पर जांच की जा रही है।

उमेश कुमार यादव, सीओ, बैरिया

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