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सरयू में प्रतिदिन समा रही सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन

जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया): सरयू नदी में तेजी से हो रहे कटान के कारण तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। प्रतिदिन औसतन 100-150 बीघा उपजाऊ जमीन सरयू की गोद में समा रही है। मंगलवार को भी कटान जारी रहा। सरयू की धारा ने परवल व शकरकंद के खेतों को अपना निवाला बना लिया।

क्षेत्र के गुमानी के डेरा, टोला फतेराय, मानगढ़, शिवाल मठिया, गोपालनगर टांड़ी व देवपुर गांवों के सामने सरयू नदी का तेवर तल्ख हो गया है। अगर कटान इसी तरह जारी रहा तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

फतेराय के टोला निवासी विनोद कुमार यादव ने बताया कि कटान के संदर्भ में कई बार सीएम से लगायत डीएम तक से गुहार लगाई गई। बावजूद कटान रोकने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। अगर कटान नहीं रुका तो हजारों किसान दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। यही नहीं हजारों की संख्या में लोग बेघर होकर सड़क पर आ जाएंगे। शिवाल मठिया के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि डुमाईगढ़ के सामने से गोपाल नगर टाड़ी तक तेजी कटान जारी है। हैरत की बात तो यह है कि सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार चुप हैं। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यहां की वीभत्स होती स्थिति को देखने तक नहीं आ रहा है। जबकि सबको पता है कि सरयू के किनारे स्थित इन गांवों की सुरक्षा दिन ब दिन खतरे में पड़ती जा रही है।

यदि इन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए तो कटान की भयावहता को समझने में देर नहीं लगेगी। गोपाल नगर निवासी सपा नेता राजप्रताप यादव ने बताया कि अब तक हजारों एकड़ खेत सरयू नदी में विलीन हो चुके हैं। यह क्रम दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। अगर सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो 1950 की घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है। बता दें कि करीब सात दशक पूर्व पुराना सुरेमनपुर स्टेशन, बकुल्हा रेलवे स्टेशन व पुरानी रेल लाइन कटान की जद में आ गई थी। तब रेलवे को बकुल्हा व सुरेमनपुर में नया रेलवे स्टेशन बनाना बड़ा और मांझी घाट से दलछपरा तक नई रेलवे लाइन बनानी पड़ी थी। इसी तरह क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान सरयू नदी में हो रहे कटान की तरफ अपेक्षित करते हुए कटानरोधी कार्य शुरू कराने को गुहार लगाई है।

समस्या मेरे संज्ञान में है : विधायक

दियरांचल में हो रहे कटान के बाबत विधायक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह समस्या मेरे संज्ञान में है। कटानरोधी कार्य योजना की मंजूरी के लिए उन्होंने सिचाई मंत्री डा. महेंद्र प्रताप सिंह से मिलकर आग्रह किया गया है। उम्मीद है सरकार से जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। बताया कि सरकार से कार्य योजना स्वीकृत होते ही कटानरोधी कार्य शुरु करा दिया जाएगा।

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