तेंदुए ने फैलाई दहशत, 30 मिनट के रेस्क्यू में निकली फिसिग कैट

संसू, बिछिया(बहराइच) : कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सदर बीट के चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के गेट में शुक्रवार सुबह तेंदुआ फंसे होने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने लगभग आधे घंटे रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला। जाल में फंसे तेंदुए की जगह फिसिग कैट को देखकर सभी दंग रह गए।

मामला कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सदर बीट का है। यहां करीब सुबह छह बजे बैराज के गेट संख्या 18 में तेंदुआ फंसा होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने ग्रामीणों की सहायता से तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बैराज में तेंदुए के फंसे होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। तकरीबन आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाल में फंसते ही जब उसे बाहर खींचा तो तेंदुए की जगह फिसिग कैट निकली। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि यह तेंदुआ नहीं, बल्कि फिसिग कैट है, जो शायद मछलियों के शिकार करने के चलते गेट में फंस गई। फिसिग कैट को वन विभाग की टीम ने बैराज के निकट महादेवा ताल के पास बंधे पर छोड़ दिया है। क्या है फिसिग कैट

फिसिग कैट यानी मछली को पकड़ने वाली बिल्ली। घरेलू बिल्लियों से दोगुनी आकार वाली यह बिल्ली जंगल के अंदर या जंगल के बाहर खेतों में भी पाई जाती है। जंगलों में जहां पानी के स्त्रोत होते हैं, वहीं मुख्य रूप से इनका निवास रहता है। मछली पकड़ने में इनके हुनर का कोई जवाब नहीं है। पानी के स्त्रोतों के किनारे खड़ी होकर यह मछलियों को देख लेती हैं, क्योंकि बिल्ली प्रजाति की होने के कारण इनकी देखने की क्षमता मनुष्यों से छह गुना अधिक होती है। बाघ, तेंदुआ, गुलदार आदि की कद से यह बहुत छोटी होती है। इनका मुख्य आहार मछली होती है।

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