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राष्ट्रीय पर्व पर भी राष्ट्रीय चिह्न उपेक्षा का शिकार

राष्ट्रीय पर्व पर भी राष्ट्रीय चिह्न उपेक्षा का शिकार
Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 11:03 PM (IST) Author: Jagran

संसू, फखरपुर (बहराइच) : फखरपुर में भारत का राष्ट्रीय चिह्न अशोक लाट गंदगी व अतिक्रमण की चपेट में सिसक रहा है। राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक की बदहाली की ओर आला हाकिमों की नजर नहीं जा रही है। दो दिनों में आने वाले राष्ट्रीय त्योहार 15 अगस्त का भी कोई असर नहीं दिखता है। अधिकारियों को अशोक लाट व झंडा पार्क की जानकारी भी नही है।

फखरपुर बाजार में राष्ट्रीय चिह्न अशोक लाट स्थापित है। बाजार में बना अशोक लाट अपनी पहचान खोता जा रहा है। यहां पर राष्ट्रीय पर्वों पर भी किसी भी अधिकारियों की इसकी बदहाली पर नजर नहीं पड़ती है। मंगल राठौर ने तीन वर्ष पहले झंडा पार्क को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर ध्वजारोहण की शुरूआत की थी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों ने पुन: कब्जा कर लिया। सुभाष दीक्षित कहते हैं कि अधिकारियों की उपेक्षा के चलते अशोक लाट का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। रमन मिश्र बताते हैं कि प्रशासन को चाहिए कि राष्ट्रीय चिह्न व झंडा पार्क को अतिक्रमण से मुक्त कराए। विहिप सह मंत्री धर्मेंद्र शुक्ल कहते हैं कि फखरपुर कस्बे में भारत का राष्ट्रीय चिह्न और झंडा पार्क होने के बाद भी राष्ट्रीय पर्व पर यहां पर एक भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं दिखते हैं। एसडीएम कैसरगंज महेश कैथल ने बताया मुझे जानकारी नहीं है।

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