डाक्टरों की कमी और अस्पताल हो रहे फुल, कैसे संभलेगी व्यवस्था

डाक्टरों की कमी और अस्पताल हो रहे फुल, कैसे संभलेगी व्यवस्था

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले ने साधनों को कम कर दिया है।

JagranThu, 06 May 2021 11:56 PM (IST)

बागपत, जेएनएन। कोरोना वायरस के बढ़ते मामले ने साधनों को कम कर दिया है। डाक्टरों की कमी होती जा रही है और अस्पतालों के सभी बेड फुल हो गए है। ऐसे हालात में बन गए है कि स्वास्थ्य विभाग भी तनाव में पहुंच गया है। विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या आक्सीजन की चल रही है।

कोरोना का विकराल रूप लोगों के सामने आ रहा है। लोगों की जाने जा रही है और अस्पतालों में हर रोज लोग भर्ती हो रहे है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर सभी बेड फुल होते जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के पास साधन कम पड़ते जा रहे है। हालत ऐसे है कि सभी प्राइवेट कोविड-19 अस्पताल फुल होते जा रहे है। सरकारी का भी यह ही हाल है। बेबस स्वास्थ्य विभाग के सामने मरीजों को होम आइसोलेशन पर रखने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं बच रहा है। आक्सीजन की कमी ने भी लोगों के साथ-साथ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। जिले के इस समय हालत बद से बदतर होते जा रहे है। मजबूर लोगों को भर्ती करते हुए भी अब डाक्टर सहम जाते है। क्योंकि भर्ती किया तो उनके लिए आक्सीजन उपलब्ध कराना होगा जिसकी विभाग के पास कमी है। एक सबसे बड़ी चिता स्वास्थ्य विभाग के पास डाक्टर और कर्मचारियों की है। जिस तरह आक्सीजन कम है उसी तरह डाक्टर और कर्मचारी भी बहुत कम है। वर्तमान में 18 डाक्टर संक्रमित है और 35 के पैरा मेडिकल स्टाफ पाजिटिव होने से समस्या गंभीर होती जा रही है। सीएमओ डा. आरके टंडन ने कहा कि अस्पताल के बेड भरते जा रहे है। डाक्टर और कर्मचारियों की कमी है। आक्सीजन का भी संकट है। ऐसे माहौल में चिता बढ़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से जैसे-तैसे आक्सीजन की पूर्ति कराई जा रही है। जो मरीज डिस्चार्ज हो रहे उनके जगह दूसरों को भर्ती किया जा रहा है। इसी तरह व्यवस्था को बनाया जा रहा है।

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