कृषि कानून के खिलाफ रालोद ने दिया धरना

कृषि कानून के खिलाफ रालोद ने दिया धरना

राष्ट्रीय लोकदल मेरठ मंडल के महासचिव ओमबीर ढाका के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 08:17 PM (IST) Author: Jagran

बागपत, जेएनएन। राष्ट्रीय लोकदल मेरठ मंडल के महासचिव ओमबीर ढाका के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कृषि कानून के खिलाफ एसडीएम कार्यालय पर धरना दिया। महासचिव ओमबीर ढाका ने बताया कि जब देश का किसान सरकार द्वारा लाए गए तीनों कानूनों का शुरू से ही विरोध कर रहा है तो भारत सरकार को किसानों से बात करके उन्हें कानून के विषय में समझाना चाहिए था। आज जब पूरा देश का कृषि कानून का विरोध करने के लिए दिल्ली जा रहा है, तो सरकार को इस शांतिपूर्ण विरोध को लाठी के बल पर नहीं रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब पूरा देश लाकडाउन के समय अपने घरों से भी निकलने से भी डर रहा था, उस समय किसान देश का पेट भरने के लिए दिन-रात खेतों में कड़ी-मेहनत कर रहा था। रालोद की मांग है कि सरकार को किसानों के लिए कृषि कानून में संशोधन करे। देश में अन्नदाता, सैनिकों एवं डॉक्टरों का अलग सम्मान हो। धरना-प्रदर्शन के बाद उन्होंने राष्ट्रपति के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में सचिन पंडित, कृष्ण शर्मा, कृष्णपाल गुरुजी, अनिरुद्ध कुमार, कंवरपाल हुड्डा, कलीम अल्वी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। आप ने किसानों पर हुई लाठीचार्ज की निदा की

आम आदमी पार्टी की शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व आप के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमेंद्र ढाका के चैंबर पर कृषि कानून को लेकर बैठक हुई।

आप के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि किसानों के ऊपर लाठीचार्ज व ऐसी भयंकर सर्दी में ठंड की पानी की बौछार करने की घोर निदा करते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद के लिए आम आदमी पार्टी हमेशा न्याय दिलाने के लिए किसानों के साथ खड़ी रहेगी। वही बागपत जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि किसानों को अनेक प्रकार का प्राब्लम दे रही है। खुलेआम किसानों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर रामकुमार सैन, अजीत, संसार सिंह, नौशाद अली, राजू सैनी आदि मौजूद रहे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.