जर्जर बड़ौत-मेरठ मार्ग के पैचवर्क में खानापूरी के पैबंद

एक दशक पूर्व बना बड़ौत-मेरठ मार्ग जर्जर होने के कारण चलने लायक नहीं रह गई।

JagranThu, 28 Oct 2021 07:56 PM (IST)
जर्जर बड़ौत-मेरठ मार्ग के पैचवर्क में खानापूरी के पैबंद

बागपत, जेएनएन। एक दशक पूर्व बना बड़ौत-मेरठ मार्ग जर्जर होने के कारण चलने लायक नहीं रह गया है। मंडलायुक्त से इस बाबत शिकायत हुई तो पीडब्ल्यूडी ने पैचवर्क के नाम पर खानपूर्ति के पैबंद लगाकर पल्ला झाड़ लिया। आलम यह है कि जिन गड्ढ़ों को चार दिन पूर्व पाटा गया था, उनसे रोडियां बाहर निकलकर सड़क पर फैलनी शुरू हो गई हैं।

करीब 13 साल पूर्व इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। बेहद खस्ताहाल होने पर 2017 में इस पर एक लेयर डाली गई थी, जो डलने के साथ ही उतरनी शुरू हो गई थी। शिकायत हुई तो ठेकेदार ने बीच-बीच में मरम्मतीकरण के नाम पर खानापूर्ति कर फाइलों का पेट भरकर अपना पेमेंट करा लिया। उसके बाद जगह-जगह से मार्ग टूटकर गहरे-गहरे गड्ढ़ों में तब्दील होता रहा मगर न तो जन प्रतिनिधियों ने और न ही अधिकारियों ने इसकी कोई सुध ली। इसके बाद रंछाड़ गांव के समाजसेवी रविद्र हट्टी की शिकायत पर मंडलायुक्त मेरठ ने पिछले महीने 24 सितंबर को मार्ग के गड्ढ़े के निर्देश दिए थे, जिसमें पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को 15 अक्टूबर तक गड्ढ़ों को दूर कर आख्या देने को कहा था। विभागीय अधिकारियों पर सुस्ती इस कदर हावी रही कि 15 अक्टूबर तक मार्ग का एक भी गड्ढा नहीं भरा गया।

इसके बाद समाज सेवी डा. अनिल आर्य ने मंडलायुक्त के आदेशों का हवाला देते हुए डीएम राजकमल यादव से शिकायत की। डीएम की फटकार के बाद पीडब्ल्यूडी ने 17 अक्टूबर से मार्ग पर पैचवर्क शुरू कराया। बड़ौत से बरनावा तक ठेका 10 लाख में छोड़ा गया मगर ठेकेदार ने मरम्मतीकरण के नाम पर खानापूर्ति करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। अंधेरगर्दी का आलम यह है कि चार दिन पूर्व भरे गए गड्ढ़ों से रोडियों निकलकर सड़क पर फैलनी शुरू हो गई है। बीच-बीच में कई जगहों पर गड्ढ़े और सड़क की टूटी साइड छोड़ दी गई है।

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इन्होंने कहा..

मामले की जानकारी कराई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

-सुभाष सिंह, एसडीएम बड़ौत

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