देर रात तक होता रहा हंगामा, भीड़ से घिरे रहे अफसर

घटना के बाद जिवाना सिरसली और बामनौली समेत कई गाव के लोग रंछाड़ गाव पहुंचे।

JagranTue, 27 Jul 2021 01:00 AM (IST)
देर रात तक होता रहा हंगामा, भीड़ से घिरे रहे अफसर

बागपत, जेएनएन। घटना के बाद जिवाना, सिरसली और बामनौली समेत कई गाव के लोग रंछाड़ गाव में लोग मौके पर पहुंचे और आरोपित पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की माग की। अक्षय के घर काफी संख्या में आक्रोशित लोगों का जमावड़ा था और लोग आरोपित पुलिस वालों को मौके पर बुलाने की माग कर रहे है। आक्रोशित लोगों का कहना था कि जब तक बिनौली थाने के आरोपित पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आ जाते और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता तब तक शव को नहीं उठने दिया जाएगा। उधर, देर रात एएसपी मनीष कुमार मिश्र और एसडीएम दुर्गेश कुमार मिश्र भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए शव को नहीं उठने दिया। रो रोकर बुरा है हाल

स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। अक्षय की माता, भाई, पिता समेत दूसरे स्वजन अक्षय के शव के साथ लिपटकर रो रहे हैं। स्वजन का कहना है कि अक्षय का ऐसा क्या गुनाह था जो पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस की कार्रवाई से गाव के लोगों में भारी आक्रोश है। गाव के प्रत्यक्षदर्शी लोगों का आरोप है कि पुलिस ने देर शाम आते ही अक्षय के घर तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं के साथ भी मारपीट कर दी। महिलाओं से फोन छीन लिए। उसके बाद मोहल्ले में खड़े लोगों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की मारपीट का शिकार धर्मेंद्र मास्टर भी बने हैं, वह बच्चों को पढ़ा रहे थे। पुलिस ने वहीं पर जाकर उनके साथ मारपीट कर। काफी संख्या में पहुंचे रालोद

देर रात हंगामा बढ़ता देख रालोद के अरुण तोमर, रामकुमार, बिजेंदर, राजू, रविंदर आदि भी मौके पर पहुंचे और आरोपित पुलिसकíमयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माग की। रंछाड गाव का माहौल तनावपूर्ण

अक्षय की मौत के बाद जिस तरह लोगों में आक्रोश है। पुलिस भी आसपास खड़ी है। पुलिस स्थिति को भाप कर ही लोगों से बातचीत कर रही है। पुलिस ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहती जिससे लोग आक्रोशित हो जाए। स्वजन के सवाल का जवाब नहीं दे सके

पुलिस अधिकारी अक्षय के घर जब शव को उठाने पहुंचे तो स्वजन ने अधिकारियों से एक के बाद एक सवाल पूछे लेकिन भीड़ में घिरे पुलिस अधिकारी जवाब नहीं दे सके। चुपचाप खड़े उनके आक्रोश भरी बातों को ही सुनते रहे भीड़ के सामने पुलिस असहाय नजर आई।

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