दो मंजिला मकान के बराबर गन्ना..कुछ तो खास है

बागपत, जेएनएन: बावली गांव के अमरपाल तोमर खेत-खलिहान से लेकर सोशल मीडिया की भी सुर्खियां बने हैं। इसका कारण है उनके खेत का गन्ना। 18.5 फुट ऊंचे इन गन्नों का राज है खेती की बदली पद्धति। उनका कहना है कि वे अन्य किसानों के मुकाबले गन्ने से दोगुनी आय ले रहे हैं।

इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बावली गांव के किसान अमरपाल के पास दस बीघा जमीन है। पूरी जमीन में गन्ने की खेती करते हैं। आमतौर पर गन्ने की लंबाई नौ से 12 फुट तक पहुंचती है लेकिन उनके खेत में खड़े गन्ने की लंबाई 18.5 फुट तक है। यानी, औसत से लगभग दोगुनी। बागपत में औसत गन्ना उत्पादन 832 कुंतल प्रति हेक्टेयर है, लेकिन अमरपाल प्रति हेक्टेयर 1812 कुंतल से ज्यादा उत्पादन ले रहे हैं। एक बार बुवाई, सात साल तक फसल

अमरपाल एक बार बुवाई करके सात साल तक गन्ने की फसल लेते हैं, जबकि सामान्यत: दो-तीन साल तक ही गन्ने की फसल ली जा सकती है। रासायनिक उर्वरकों का वह ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते। साल में प्रति हेक्टेयर 180 किलो डीएपी और 312 किलो की दर से एनपीके डालते हैं। प्रति साल में 48 बुग्गी गोबर की खाद प्रयोग करते हैं। फिलहाल उनके खेत में कोसा-0238 तथा 69014 प्रजाति की अगेती और पछेती फसल खड़ी है। पिछले साल था 19 फुट का गन्ना

अमरपाल की मानें तो गत साल उनका गन्ना 19 फुट लंबा था, जिससे प्रति हेक्टेयर 5.88 लाख रुपये आमदनी हुई थी, जबकि औसत आमदनी 2.70 लाख रुपये थी। इस उपलब्धि पर जाट महासभा बागपत उन्हें सम्मानित कर चुकी है। गत साल गन्ना विभाग की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में उन्हें 25 हजार रुपये पुरस्कार मिला था।

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