कृषि कानून के विरोध में 35वें दिन भी धरना जारी

कृषि कानून के विरोध में 35वें दिन भी धरना जारी

दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 35वें दिन शनिवार को भी कृषि कानून के विरोध में धरना जारी रहा।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 09:04 PM (IST) Author: Jagran

बागपत, जेएनएन। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 35वें दिन शनिवार को भी कृषि कानून के विरोध में किसानों का धरना जारी रहा। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।

धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए तीनों कृषि कानून किसानों को बर्बाद करके रख देंगे। इन्हें सरकार को वापस ही लेना होगा, अन्यथा किसानों का आंदोलन विस्तार ही लेता जाएगा। किसान अब सड़कों पर उतर चुके हैं यदि कानून वापस नहीं होते हैं तो किसान घर लौटने वाले नहीं है। इस दौरान बागपत से भी अहमद हमीद भी किसानों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। नदीम प्रमुख की अध्यक्षता व एडवोकेट इफ्तकार के संचालन में धरने में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी, पूर्व विधायक डाक्टर अजय कुमार, पूर्व विधायक डाक्टर अजय तोमर, एडवोकेट देवेंद्र आर्य, चौधरी ब्रजपाल सिंह, देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, धर्मवीर सिरसली, एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर, विकास प्रधान, हाजी जमीरूद्दीन अब्बासी, अमित जैन, अजय सोलंकी, मास्टर नदीम असारा, अजित सिंह, नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। किसान बोले, पूरी साम‌र्थ्य से ट्रैक्टर परेड को दिल्ली जाएंगे

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड की तैयारी को लेकर प्रशासन टेंशन में नजर आ रहा है। अफसरों ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट सोमेंद्र ढाका व किसानों से दिल्ली न जाने का अनुरोध किया, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पूरी साम‌र्थ्य से ट्रैक्टर परेड में शामिल होंगे।

एडवोकेट सोमेंद्र ढाका के पास ग्राम ढिकौली में उनके आवास पर बागपत एसडीएम अनुभव सिंह व खेकड़ा सीओ मंगल सिंह रावत पहुंचे। वहां अफसरों ने किसानों से वार्ता करते हुए अनुरोध किया कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में दिल्ली न जाएं। एडवोकेट सोमेंद्र ढाका व अन्य किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस मनाना प्रत्येक देशवासी का संवैधानिक अधिकार है तथा आंदोलन कर रहे किसानों का साथ देना उनका दायित्व है। ट्रैक्टर परेड में शामिल होने से रोकने का किसी के पास अधिकार नहीं है। कहा की किसान ट्रैक्टरों के साथ 25 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे।

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