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बच्चों में कोई भी नए लक्षण न करें नजरअंदाज

बच्चों में कोई भी नए लक्षण न करें नजरअंदाज

रटौल पीएचसी पर तैनात डा. प्रगति का कहना है कि कोरोना वायरस अलग अलग रूप में व्यवहार कर रहा है। ऐसे में यदि बच्चों में कोई लक्षण दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें।

JagranTue, 18 May 2021 12:12 AM (IST)

जेएनएन, बागपत : रटौल पीएचसी पर तैनात डा. प्रगति का कहना है कि कोरोना वायरस अलग अलग रूप में लोगों के साथ बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। कोरोना काल में बच्चों को कतई घरों से बाहर नहीं निकलने देने चाहिए। बहुत जरूरत होने पर ही घरों से बाहर जाने दें और मास्क का प्रयोग करने के बाद। अगर बच्चों में कोई भी नया लक्षण दिखाई दें, तो कतई नजरअंदाज न करें। बच्चों में डायरिया, उल्टी-दस्त, सर्दी, जुकाम, बुखार व खासी के साथ आंख लाल होना सिर दर्द व बदन दर्द, सांस तेल चलना आदि भी कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। अगर कोई भी लक्षण दिखे तो होम आइसोलेट कर बच्चों का इलाज शुरू कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवाई नहीं देना चाहिए।

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कोई भी बीमारी हो

सकती है कोरोना

--हां. हमने कोरोना हराया

संवाद सहयोगी, खेकड़ा : काठा मार्ग स्थित कोविड अस्पताल से स्वस्थ्य होकर लौटे खेकड़ा के राजीव का कहना है कि कोरोना वायरस अगर दिमाग में बस जाए तो जानलेवा होगा। सामान्य बुखार मानकर इलाज कराना चाहिए। ऐसा नहीं कि बुखार से ही कोरोना होगा। उन्होंने संक्रमण को झेला है, लेकिन उन्हें सिर्फ खांसी और सिर दर्द रहता था। 12 दिन अस्पताल में भर्ती रहे लेकिन कभी हार नहीं मानी। डाक्टर ने जो भी दवाइयां दी उनका सेवन किया और परहेज भी। हाल में समय में कोई भी बीमारी हो तुरंत डाक्टर से सलाह ले इलाज कराएं। कोई भी बीमारी कोरोना हो सकती है। लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना को हराना है तो मास्क व दो गज की दूरी का पालन जरूर करना होगा।

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