दीयों से मनाएं दीपावली..पटाखों से करें तौबा

दीयों से मनाएं दीपावली..पटाखों से करें तौबा
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 10:43 PM (IST) Author: Jagran

बागपत, जेएनएन। आठ माह से ज्यादा समय से कोरोना का संकट चल रहा है। ऐसे में वायु प्रदूषण वाली दीपावली स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। पटाखों से परहेज करते हुए इस बार कुछ अलग अंदाज में युवा वर्ग त्योहार मनाएं, तो बेहतर रहेगा। दीयों की दीपावली बेहतर विकल्प है। इससे घर तो रोशन होगा ही, एक कुम्हार के परिवार की भी मदद होगी। सभी मिलकर इस बार संकल्प लें कि दीपोत्सव पर प्रदूषण नहीं होने देंगे।

स्वास्थ्य के लिए पटाखों का धुआं काफी हानिकारक है। सबसे ज्यादा परेशानी सांस के रोगियों को होती है। सामान्य व्यक्ति का स्वास्थ्य भी इससे प्रभावित हो जाता है। कोरोना से संक्रमित हैं तो स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। लोगों का स्वास्थ्य ठीक होगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहेगी। यदि लोग मिट्टंी के दीयों से घर रोशन कर त्योहार मनाएंगे तो एक कुम्हार के परिवार की भी मदद होगी, जो सबसे बड़ा पुण्य कार्य होगा। इस पुनीत कार्य में हर व्यक्ति को इसकी पहल करने की जरूरत है। पटाखों का धुआं का सेहत के लिए हानिकारक

सीएचसी बागपत के चिकित्साधिकारी डा. विकास प्रकाश ने बताया कि पटाखों का धुआं सेहत के लिए हानिकारक है। सांस के रोगियों के लिए सबसे ज्यादा खतरा है। धुंए से आंखों को भी नुकसान होता है। इंफेक्शन का भी खतरा रहता है। वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ जाता है। सांस के रोगियों को पटाखों के धुएं से दूरी बनाकर रहनी चाहिए।

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दीपों से मनाते हैं त्योहार

अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी अन्नी मानव ने कहा कि इस दीपावली पर पटाखों नहीं फोड़ते है। दीपों से पूजा अर्चना करने के बाद वह सादगी से त्योहार मनाते हैं। दोस्तों को त्योहार की शुभकामनाएं देते हैं। भारत गौरव ने कहा कि दीपावली के त्योहार को दीपों से मनाते है। क्योंकि दीपो ही यह त्योहार है। पटाखों से तो प्रदूषण फैलता है। सभी लोगों घरों में दीपक जलाकर त्योहार मनाएं।

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