बेसहारा गोवंश की याद में भंडारा

बेसहारा गोवंश की याद में भंडारा

जिले में करीब तीन हजार बेसहारा गोवंश को 19 गोआश्रय स्थलों पर रखा जा रहा है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:46 PM (IST) Author: Jagran

बागपत, जेएनएन। जिले में करीब तीन हजार बेसहारा गोवंश को 19 गोआश्रय स्थलों पर रखा जा रहा है। इसके बाद भी बेसहारा पशु सड़कों व खेतों में घूम रहे हैं। वहीं कुछ लोग इन्हें दुत्कार रहे है, तो कुछ इनका पूरा ध्यान भी रखते हैं। ऐसे भी लोग हैं जिन्हें इन पशुओं से इतना लगाव हो जाता है कि उनकी मौत पर शोक मनाते हैं और पूजा पाठ कर भंडारे का आयोजन भी करते हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला दाहा गांव में। यहां एक व्यक्ति को बेसहारा पशु (सांड) से इतना लगाव हुआ कि उसकी मौत पर उसने उसे दफनाया और एक माह तक पूजा पाठ के बाद सोमवार को भंडारे का आयोजन किया। दाहा गांव में एक बेसहारा गोवंश लगभग 15 साल से रहता था। यहीं के सोमपाल कश्यप को गोवंश से इतना लगाव था कि प्रतिदिन जब वह उसके घर के पास होकर निकलता था तो परिवार उसे चारा व आटे की लोई बनाकर खिलाता था। करीब एक माह पूर्व गोवंश की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने गोवंश के शव को दफना दिया। सोमपाल परिवार समेत गोवंश की आत्मा की शांति के लिए पूजा में लग गया। एक माह की पूजा पाठ के बाद सोमपाल ने सोमवार को गोवंश की याद में भंडारे का आयोजन किया जहां काफी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने भोजन किया। सोमपाल के इस पशु प्रेम की सभी ने तारीफ की। निराश्रित लोगों के लिए आश्रम का शुभारंभ

कस्बे में संस्था मां माधुरी ब्रज वारिस सेवा सदन अपना घर द्वारा कस्बे में अपना घर आश्रम का सोमवार को प्रदीप जैन संस्थापक विद्या यूनिवर्सिटी मेरठ एवं विद्या प्रकाशन मंदिर मेरठ ने शुभारंभ किया।

इस आश्रम में बागपत, बड़ौत, एवं मेरठ के आसपास के क्षेत्रों में मिलने वाले 11 निराश्रितों को प्रमुखता से रेस्क्यू कर आश्रय एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई। संस्था के संस्थापक प्रदीप जैन ने लोगों से अनुरोध किया कि ऐसे लोगों को आश्रम में पहुंचाएं।

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