अब सरकार की ओर टकटकी लगा रहे किसान

दो दिन कहर बरपाने के बाद बेमौसम बारिश गुजर गई लेकिन धान की फसल की तबाह कर दी।

JagranThu, 21 Oct 2021 08:28 PM (IST)
अब सरकार की ओर टकटकी लगा रहे किसान

बागपत, जेएनएन। दो दिन कहर बरपाने के बाद बेमौसम बारिश गुजर गई, लेकिन धान की फसल की तबाही किसानों का इतना जख्म दे गई कि कर्ज चुकाने में सालों लग जाएंगे। बारिश से दस हजार किसानों को 33.60 करोड़ रुपये नुकसान है। बेबस किसान अब सरकारी की ओर टकटकी लगाए हैं, ताकि 35 फीसदी फसल नुकसान की भरपाई हो सके। यूं फसलों में नुकसान को लेकर सरकार भी गंभीर है, क्योंकि सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। जानिए नुकसान

बागपत में आठ हजार हेक्टेयर पर उम्दा प्रजाति की धान रोपाई की थी। इसमें दो हजार हेक्टेयर पर अगेती धान तथा छह हजार हेक्टेयर पर पछैती धान है। अगेती धान कट गई जिसमें नहीं के बराबर नुकसान हुआ है, लेकिन पछैती धान में 35 फीसदी के नुकसान की खबर है। प्रति हेक्टेयर 60 कुंतल उत्पादन का औसत है। सीधा 1.40 लाख कुंतल उत्पादन का नुकसान है।

हरियाणा तथा दिल्ली की मंडियों में 2700 से 3000 हजार रुपये प्रति कुंतल दाम चल रहा। इस हिसाब से किसानों को 33.60 करोड़ रुपये कसान का अनुमान है। किसान खेतों में कटी धान फसल सूखाने में जुटे हैं। वहीं तहसील कर्मियों ने फसल नुकसान का पता लगाने को सर्वे शुरू कर दिया है। कैसे अदा किया जाएगा कर्ज हमीदाबाद निवासी सुभाष ने पांच एकड़ जमीन किराए पर लेकर धान रोपाई की। पूरे परिवार ने दिन रात रात मेहनत की। वह बताते हैं कि तीन माह बेसहारा पशुओं से धान की फसल बचाने को रात में खेत पर पहरा दिया। ढाई लाख का खर्च आया, लेकिन अब जब फसल पककर तैयार हो गई तो बारिश ने पूरे परिवार के अरमानों पर पानी फेर दिया है।

अब समझ में नहीं आ रहा कि ढाई लाख रुपये कर्ज तथा ब्याज कैसे चुकाएंगे और बच्चों की स्कूल फीस और परिवार की दो जून की रोटी का जुगाड़ कैसे करेंगे। फसल अच्छी थी जिससे देख सोचता था कि कर्ज उतारने के बाद दो-ढाई लाख रुपये हाथ आ जाएंगे, लेकिन अब कर्ज चुकाने के लिए सोच रहा हूं कि कर्ज किससे लूं..।

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-बेमौसम बारिश से खून-पसीने से सींची गई धान फसल में नुकसान हुआ है। फसल नुकसान पर सरकार से मुआवजा मिलना चाहिए।

-किसान रामपाल सिंह, गौरीपुर जवाहरनगर

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-सरकार को धान फसल नुकसान को मुआवजा देना चाहिए। फसल नुकसान पर मुआवजा नहीं मिला तो किसान कर्जमंद हो जाएगा।

-किसान अनीस-लहचौड़ा

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इन्होंने कहा

शासन के आदेश पर बारिश से फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के लिए तीनों तहसीलों के कर्मियों को लगाया गया है। सर्वे होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

-अमित कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी

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