सुहागिनों के लिए सजे बाजार, दमक उठा सर्राफा, खनक रहा चूड़ी बाजार

करवा चौथ की खरीदारी को लेकर बाजार में महिलाओं की जबरदस्त भीड़ है।

JagranFri, 22 Oct 2021 08:37 PM (IST)
सुहागिनों के लिए सजे बाजार, दमक उठा सर्राफा, खनक रहा चूड़ी बाजार

बागपत, जेएनएन। करवा चौथ की खरीदारी को लेकर बाजार में महिलाओं की जबरदस्त भीड़ है। ज्वैलरी और गिफ्ट शाप पर सुबह से शाम तक चहल-पहल रहती है। कोरोना के बाद बाजार उठने से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। सबसे ज्यादा भीड़ साड़ी, सर्राफा बाजार और ब्यूटी पार्लर खींच रहे हैं।

24 अक्टूबर को पड़ने वाले करवा चौथ की खरीदारी जोरों पर है। सर्राफा की दुकानों पर डायमंड के मंगलसूत्र ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके साथ मध्यम वर्ग के लोग अपनी पत्नियों के लिए चांदी के गहने भी खरीद रहे हैं। इसके साथ गिफ्ट मार्केट में भी एकाएक मांग बढ़ गई हैं। संतोष ज्वैलर्स के प्रभात जैन के मुताबिक, सर्राफा बाजार में सोने, डायमंड और चांदी से बनी छोटी आइटम की बिक्री ज्यादा हो रही है। इस करवाचौथ पर सोने का भाव को देखते हुए बड़े आइटम के बजाए छोटे-छोटे की बिक्री कहीं ज्यादा है। इसमें कान के झुमके से लेकर, अंगूठी, डिजायनर चैन एवं टाप्स शामिल हैं। ब्यूटी पार्लर में एडवांस बुकिग

ब्यूटीशयन रेणुका जैन ने बताया कि पार्लर पर महिलाओं की भीड़ एकाएक बढ़ गई है। हेयर स्टाइल, मेकअप, थ्रेडिग, फेशियल के लिए महिलाओं की लाइन लग रही है। अब मेहंदी आर्टिस्टों ने भी चांदी काटनी शुरू हो गई है। हर ब्यूटी पार्लर के आगे मेहंदी आर्टिस्टों ने अपने ठीए जमा लिए हैं। दिव्य संयोग में मनेगा करवाचौथ का व्रत: राजकुमार शास्त्री

ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी रविवार 24 अक्टूबर को सुहागिन महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखेंगी। इस बार पांच वर्ष बाद ऐसा विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें रविवार दिन भगवान सूर्य का होने के कारण ये योग अति दिव्य है।

रोहिणी नक्षत्र वरियान योग भी उत्तम योग बन रहा है। ऐसा संयोग कभी-कभी आता है। इस योग में करवाचौथ का व्रत करने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य तो प्राप्त होता ही है पति और पत्नी दोनों को आरोग्यता का वरदान मिलता है। उन्होंने बताया कि भगवान भास्कर एवं चन्द्र देव चतुर्थी तिथि 24 अक्टूबर को प्रात: 3.2 बजे प्रारंभ हो जाएगी और 25 अक्टूबर को प्रात: 5.44 बजे तक रहेगी। चन्द्रमा उदय रात्रि 8.12 बजे। इस लिए पूजा का उत्तम समय शाम 7.बजे से रात्रि 8.30 बजे तक है। पूजा विधि इस व्रत में करवा का विशेष महत्व होता है। करवा मिट्टी का होता है इसके अलावा थाली में रोली, चावल, कलावा, धूप, दीप, चन्दन, सिन्दूर रखे। दीपक देशी घी का ही जलाए। भगवान गणेश और शिव परिवार की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। सभी तरह की विघ्न बाधाओं से मुक्ति देते है। भगवान श्री गणेश चन्द्रमा को अर्घ देकर व्रत का परायण करें।

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