सर्दी की दस्तक, मुसाफिरों के ठहरने का इंतजाम नहीं

बदायूं : सर्दी का मौसम शुरू होते ही पालिका प्रशासन की ओर से अस्थाई रैन बसेरा की तैयारी शुरू कर दी जाती है। मगर, इस साल पालिका या फिर जिला प्रशासन की ओर से रैन बसेरा का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। इससे सर्द रातों में यहां ठहरने वाले मुसाफिर सवेरा होने का इंतजार करते हुए रात बिताते हैं। हैरत की बात तो यह है कि जिला और महिला अस्पताल में जो रैन बसेरा बने हुए हैं उसमें भी ताला लगा रहता है। इससे मरीजों के तीमारदारों को काफी परेशानियां होती हैं। पूर्व में पालिका प्रशासन ने करीब तीन करोड़ की लागत से यहां प्राइवेट बस स्टैंड के पास मॉडल रैन-बसेरा बनवाया था। रैन-बसेरा बनकर दो साल पहले ही तैयार हो गया। नए पालिका बोर्ड के गठन के बाद माना जा रहा था कि उस रैन-बसेरा का उपयोग लोग करने लगेंगे, लेकिन कार्यदायी संस्था को पूरा भुगतान न होने की वजह से उसका ताला नहीं खुल सका। वह पालिका के अधीन अभी तक नहीं आ पाया है। इस वजह से मुसाफिरों के रुकने का कोई और ठिकाना नहीं है। इसके साथ ही पालिका प्रशासन की ओर से अस्थाई रैन-बसेरा बनवाए जाते थे जो इस साल नहीं बनवाए जा रहे हैं। इससे रोडवेज बस स्टैंड से लेकर प्राइवेट बस स्टैंड या फिर रेलवे स्टेशन तक कोई भी ठिकाना नहीं बनाया गया है। बात जिला या महिला अस्पताल की करें तो वहां तीमारदारों के रुकने को बनवाए गए रैन-बसेरा में ताला पड़ा रहता है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार का कहना है कि पालिका प्रशासन की ओर से दिसंबर माह में रैन-बसेरा तैयार कराए जाते हैं। जो तय महीने में बनवा दिए जाएंगे।

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