स्टांप घोटाले में खजांची और लेखाकार के खिलाफ मुकदमा

संस, दातागंज (बदायूं) : उप कोषागार में स्टांप बिक्री में पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में आरोपित खजांची और लेखाकार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीएम ने खजांची को निलंबित करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है। पुलिस खजांची और कैशियर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। शासन के आदेश पर उप कोषागारों को बंद कराया गया तो इसमें दातागंज उपकोषागार भी शामिल था। रिकार्ड और स्टांप कोषागार में जमा कराने के लिए खजांची को निर्देशित किया जा रहा था, लेकिन उसने दफ्तर आना बंद कर दिया। संदेह होने पर एसडीएम ने डीएम को अवगत कराया तो उन्होंने टीम गठित कर जांच कराई। एआइजी स्टांप बरेली, एडीएम वित्त एवं राजस्व, वरिष्ठ कोषाधिकारी और एसडीएम दातागंज की टीम ने दो दिन तक रिकॉर्ड और स्टांप का मिलान किया तो वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। खजांची हरीश और लेखाकार राजेश चंद्र सागर प्रथम दृष्टया दोषी मिले और वरिष्ठ कोषाधिकारी की ओर से इन दोनों के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि वर्ष 2013 से स्टांप बिक्री में गड़बड़ी की जा रही थी। दो रजिस्टर का उपयोग कर खेल कर रहे थे। स्टांप बिक्री का रजिस्टर अलग था, जबकि जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने के लिए अलग रजिस्टर बना रखा था। इसलिए अधिकारियों के निरीक्षण और सत्यापन में भी अनियमितता कोई पकड़ नहीं पा रहा था। वरिष्ठ कोषाधिकारी हरिश्चंद्र यादव का कहना है कि जांच में अनियमितता मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। वर्जन ::

दातागंज उप कोषागार की जांच में स्टांप बिक्री कर गबन किए जाने का मामला उजागर हुआ है। मुकदमा दर्ज कराने के बाद खजांची हरीश को निलंबित कर दिया गया है। शासन को रिपोर्ट भेजकर स्थिति से अवगत करा दिया गया है।

- कुमार प्रशांत, जिलाधिकारी

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