बदायूं में लड़खड़ाने लगी स्वास्थ्य सेवाएं, अफसरों ने नहीं ली सुध

उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के संविदा कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को चभी सीएमओ कार्यालय के बाहर जारी रहा। स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने के बावजूद जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की सुध नहीं ली है। सीएमओ डा. विक्रम सिंह पुंडीर ने कर्मचारियों को समझाने प्रयास किया। लेकिन कर्मचारी धरने पर अड़े रहे।

JagranSat, 04 Dec 2021 01:01 AM (IST)
बदायूं में लड़खड़ाने लगी स्वास्थ्य सेवाएं, अफसरों ने नहीं ली सुध

बदायूं, जेएनएन : उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के संविदा कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को चभी सीएमओ कार्यालय के बाहर जारी रहा। स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने के बावजूद जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की सुध नहीं ली है। सीएमओ डा. विक्रम सिंह पुंडीर ने कर्मचारियों को समझाने प्रयास किया। लेकिन, कर्मचारी धरने पर अड़े रहे।

धरने में एनएचएम यूनियन के जिला संयोजक डा. नीरेश कुमार एवं जिला जिला उपाध्यक्ष उवैस अली ने बताया कि धरने के चार दिन बीत गए। इससे स्वास्थ्य सेवाएं में बाधा आने से लोग परेशान हो रहे हैं। लेकिन, एनएचएम कर्मियों की मांग को लेकर सरकार रणनीति बनाने को लेकर गंभीर नहीं है। वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारी धरना वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष उदय प्रतार सिंह व फराज खान ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार हमारी मांग पूरी नहीं करती है तो इसी तरह स्वास्थ्य सेवाएं बे पटरी रहेंगी। इस बीच गुरुवार को धरनास्थल पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता एवं सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों से ज्ञापन लेकर मांगों को पूरी कराने के लिए शासन को पत्र भेजना का आश्वासन दिया। लेकिन, कर्मचारियों मांग पूरी होने के बाद ही धरने पर हटने के लिए कहा। जिसके चलते धरना जारी रहा। इस दौरान जिला अध्यक्ष कृष्ण वल्लभ चतुर्वेदी, सोमेंद्र कुमार, नीतीश रस्तोगी, राकेश रंजन मिश्रा, शेर सिंह सोलंकी, अजीम, डा. अब्दुल हकीम, मनीष, पूनम यादव आदि कर्मचारी मौजूद रहे। प्रभावित रही ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं

संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले के अस्पतालों में ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही भीड़ थी। लेकिन संविदा कर्मचारियों के न रहने के चलते यहां पर्चे से लेकर दवा वितरण तक का काम प्रभावित रहा। ऐसे ही एएनएम के कार्य स्थल पर न होने के चलते भी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं सीएचसी और पीएचसी पर भी हालात खासे खराब रहे। ठिठका रहा टीकाकरण का कार्य

प्रतिदिन 20 से 30 हजार होने वाले कोविड टीकाकरण का कार्य भी संविदा कर्मचारियों के न रहने से प्रभावित हुआ। शुक्रवार को टीकाकरण कराने वालों की संख्या तो ठीक रही। लेकिन अस्पतालों में कर्मचारी न होने के चलते टीकाकरण पूरी तरह से नहीं हो सका। ऐसे में टीकारण की लगातार बढ़ रही गति पर खासा प्रभाव पड़ा है।

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