बिसौली के चार गांव में फैला है साइबर ठगों का जाल, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव और दबतोरा गांव पहले हवाला कारोबार के लिए चर्चा में रहे

साइबर ठगी आज के समय में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है। लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही है। इस काले कारोबार में जिले के थाना बिसौली के चार गांव के लोग भी शामिल हैं। बीते सालों में इन गांव के रहने वाले लोगों पर हुई कार्रवाई इस बात को प्रमाणित करती है।

JagranMon, 27 Sep 2021 01:10 AM (IST)
बिसौली के चार गांव में फैला है साइबर ठगों का जाल, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव और दबतोरा गांव पहले हवाला कारोबार के लिए चर्चा में रहे

जेएनएन, बदायूं : साइबर ठगी आज के समय में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है। लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर साइबर ठगी की जा रही है। इस काले कारोबार में जिले के थाना बिसौली के चार गांव के लोग भी शामिल हैं। बीते सालों में इन गांव के रहने वाले लोगों पर हुई कार्रवाई इस बात को प्रमाणित करती है। ज्यादा नहीं बीते दो सालों की बात करें तो इन गांवों से अलग-अलग प्रदेशों की पुलिस और अन्य अपराध शाखाओं की टीम इन गांवों से आधा सैकड़ा से ज्यादा लोगों को पकड़ कर ले जा चुकी है। इसके अलावा इतने ही लोगों को गैर जनपद, प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। यह साफ है कि इन चारों गांव के लोग इस काले धंधे में भीतर तक घुसे हुए हैं। लेकिन स्थानीय पुलिस दावा करती है कि इन गांव के लोगों की यहां कोई शिकायत नहीं आई है। जिला, देश में बदनाम हो रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस शिकायत आने के इंतजार में साइबर ठगों की संख्या बढ़ाने में मदद करने जैसा काम कर रही है।

कुछ साल पहले तक बिसौली क्षेत्र के संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव और दबतोरा गांव हवाला कारोबार के लिए बदनाम थे। अब यहां साइबर क्राइम की जड़े मजबूत हो रही हैं। यह इंटरनेट मीडिया के जरिए, घर घर जाकर खाता खुलवाने, योजनाओं का लाभ देने, नौकरी लगवाने, बैंक का खाता अपडेट करने आदि के नाम पर साइबर ठगी कर रहे हैं। इनमें से कई तो सीधे नाइजीरियन गिरोह के संपर्क में भी है। यही लोग अपने गांव के लोगों को दिल्ली व अन्य जगह नौकरी लगवाने के नाम पर ले जाते हैं। इसके बाद इस धंधे की ट्रेनिग देकर उन्हें वापस भेज देते हैं। इसके बाद ट्रेनिग लेकर आए लोग काम शुरू कर देते हैं। संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव और दबतोरा गांव के लोगों की जड़े दिल्ली, एनसीआर के जिले, मेरठ, प्रयागराज, बिजनौर, आगरा, लखनऊ, बिहारी, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्यप्रदेश आदि प्रदेशों व जिलों में फैली हुई हैं। इन जिलों व प्रदेशों के नाम इसलिए गिनाए क्योंकि बीते पांच सालों में इन सभी जगह की पुलिस, एटीएस, एसटीएफ, साइबर सेल यहां तक की सीबीआई की टीम इन चार गांवों में दबिश देकर कई लोगों को पकड़ कर ले जा चुकी है।

लग्जरी गाड़ियां और आलिशान घर

गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव और दबतोरा आदि गांवों में कई बीपीएल कार्डधारक लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं। इसके अलावा गांवों और शहरों में आलिशान और ऊंचे घर बने हुए हैं। बीते दिनों प्रशासन ने मामले की जांच कराई, लेकिन इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी। हालांकि प्रशासन ने इन गांवों के कई लोगों के नाम बीपीएल सूची से जरूर कटवाए थे। लेकिन किसी पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी।

इंस्पेक्टर बिसौली ऋषि पालसिंह ने बताया कि मेरे बिसौली में आने के बाद यहां इन चारों गांवों की कोई शिकायत नहीं आई है। इन गांवों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दिन और रात दोनों समय गश्त भी जाती है। इन गांव के लोगों को पकड़ने बाहर की पुलिस आती है। लगता है यहां के लोग अब बाहर जाकर यह काम कर रहे हैं।

कुछ बड़े मामले जो बीते दो सालों में आए सामने

- चार अक्टूबर 2020 को गुजरात के अंकलेश्वर थाने की पुलिस ने संग्रामपुर में सरताज नाम के युवक के घर दी थी दबिश।

- 27 सितंबर 2020 को प्रयागराज पुलिस ने जफीरद्दीन के घर दी थी दबिश, उस पर न्यायिक अधिकारी के बेटे का अकाउंट खाली करने का था आरोप।

- 24 सितंबर 2020 को दिल्ली में रहने वाली केरल के पादरी से 46 लाख की आनलाइन ठगी मामले में लक्ष्मीपुर के अकील के दी थी दबिश।

- मई 2020 में बरेली के ट्रेनी आइपीएस अभिमन्यु मांगलिक ने बदायूं में दबिश देकर संग्रामपुर के इमरान को गिरफ्तार किया था।

- 25 सितंबर 2020 को बस्ती की साइबर सेल ने एक स्कूल के 50 लाख ठगी मामले में संग्रामपुर में दबिश दी थी।

- 15 फरवरी 2021 में दिल्ली की द्वारिका थाना क्षेत्र में लाखों की आनलाइन ठगी के बाद पुलिस ने चारों गांवों में दबिश दी थी।

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