बदायूं में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने का रास्ता साफ

सदर तहसील में उतरना गांव के पास करोड़ों रुपये की लागत से बने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने की एक बार फिर उम्मीद जग गई है। अदालत तक पहुंचा कार्यदायी संस्थाओं के बीच का विवाद निपट गया है। सीएनडीएस के पक्ष में फैसला आ जाने से प्लांट को चालू करवाने की कवायद तेज हो गई है।

JagranSun, 26 Sep 2021 12:55 AM (IST)
बदायूं में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने का रास्ता साफ

बदायूं, जेएनएन : सदर तहसील में उतरना गांव के पास करोड़ों रुपये की लागत से बने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने की एक बार फिर उम्मीद जग गई है। अदालत तक पहुंचा कार्यदायी संस्थाओं के बीच का विवाद निपट गया है। सीएनडीएस के पक्ष में फैसला आ जाने से प्लांट को चालू करवाने की कवायद तेज हो गई है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने नगर विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भिजवाया है। प्रस्ताव में बकाया धनराशि आवंटित कराकर प्लांट को चालू करवाने का आग्रह किया है। उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव से पहले इसको चालू करवाया जा सकता है।

शहर में कूड़े की समस्या गंभीर होती जा रही है। निस्तारण का स्थायी इंतजाम न होने से शहर के आसपास सड़कों के किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा था। सपा शासन काल में सालिड वेस्ट प्लांट की मंजूरी मिली। महीनों जगह तलाश करने के बाद उतरना गांव के पास माहपुरवा में जगह चयनित की गई। शासन ने 5.78 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया। कार्यदायी संस्था एटूजेड मैनेजमेंट को काम सौंपा। कार्यदायी संस्था ने एकार्ड हाइड्रोएअर प्राइवेट लिमिटेड को भी इसमें शामिल कर लिया। किसी बात पर कार्यदायी संस्था और सीएनडीएस के बीच विवाद हो गया। शासन स्तर पर मामले का निस्तारण न होने से मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। इससे प्लांट का काम ठप हो गया था। डीएम दीपा रंजन ने बताया कि अदालत में चल रहा मामले में सीएनडीएस के पक्ष में फैसला हो गया है। हालांकि आदेश के खिलाफ एटूजेड मैनेजमेंट संस्था ने याचिका भी दायर कर दी है। जिला प्रशासन ने नगर विकास विकास विभाग को निर्माणाधीन प्लांट के अवरोधों का निस्तारण कर चालू करवाने का प्रस्ताव भेजा है। मूल विवाद निपट चुका है। प्लांट का अधिकांश काम भी पूर्ण हैं। लेकिन, चालू कराने को अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ सकती है। वर्जन ::

सालिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विवाद अदालत में लंबित था। सीएनडीएस के पक्ष में अदालत का फैसला आ गया है। जिला प्रशासन से नगर विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भिजवाया है कि जरूरी बजट का आवंटन कराकर प्लांट को जल्द चालू कराया जाए। इससे शहर के कूड़े का निस्तारण कराया जा सके।

- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री

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