शिक्षा के मंदिर में वेदमंत्रों के साथ कुरान का भी ज्ञान

जागरण संवाददाता, बदायूं : कांवेंट स्कूल का जिक्र आने पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई-बोलचाल की बात ही जेहन में आती है लेकिन, शहर के बीचोबीच एक ऐसा विद्यालय भी संचालित हो रहा है जहां बच्चों को वेदमंत्रों और कुरान का ज्ञान भी कराया जा रहा है। बच्चों को हिदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के ज्ञान कराए जाते हैं। मुस्लिम बच्चों को गायत्री मंत्र और गीता के श्लोक कंठस्थ हैं, जबकि हिदू बच्चों को वेदमंत्रों के साथ कुरान की जानकारियां भी हैं।

शहर के जोगीपुरा मुहल्ला में गली के भीतर एचएल मल्होत्रा बाल निकेतन है। पुस्तकीय शिक्षा के साथ यहां विद्यालय के प्रबंधक एसके मल्होत्रा बच्चों को मानवता का पाठ पढ़ाते हैं। हिदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई सभी धर्मों को समान बताते हैं। नियमित अभ्यास का नतीजा है कि यहां मुस्लिम बच्चों को भी महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, शांति पाठ, गीता के पांच श्लोक, सूर्य स्त्रोत्र कंठस्थ हैं। हिदू बच्चों को वेद मंत्रों के साथ-साथ कुरान की आयतों का ज्ञान है। बच्चे बड़े आत्मविश्वास से कहते हैं ़ ़ ़हमें मालूम है कि हिदू धर्म में कमाई का एक फीसद हिस्सा दान देने की बात कही गई है, वहीं इस्लाम के अनुसार कमाई का दस फीसद जकात करना चाहिए। हमें भगवान राम, कृष्ण के साथ मोहम्मद साहब के जीवन से जुड़े प्रसंग भी सुनाए जाते हैं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर भारत माता को सर्वोपरि बताते हुए बच्चों को राष्ट्रप्रेम की शिक्षा दी जाती है।

लाइब्रेरी में वेद के साथ कुरान पाक

विद्यालय की लाइब्रेरी में वेद, पुराण और गीता के साथ कुरान पाक भी है। एसके मल्होत्रा कहते हैं कि हर धर्म में इंसानियत का ही पाठ पढ़ाया गया है। ईश्वरीय शक्ति है जो पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित करती है। उसकी पूजा-अर्चना के लिए हर धर्म में अलग-अलग तौर-तरीके हैं, लेकिन उद्देश्य सभी का एक ही है।

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